मथुरा। किसानों की शिकायत पर अधिकारियों द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद मांट के नसीटी और कसेराकलां गेहूं क्रय केंद्र पर किसानों के गेहूं की खरीद प्रारंभ हो गई। वहां पर लाइन में लगे किसानों को राहत मिली है। किसानों द्वारा दोनों स्थानों पर उच्चाधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की गई थी।
मांट के दो क्रय केंद्र नसीटी और कसेराकलां पर क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी के चलते क्रय केंद्रों पर मौजूद किसानों के गेहूं की खरीद तो हो ही नहीं रही थी, साथ ही समानांतर क्रय केंद्र खोलकर वहां से किसानों के गेहूं को खरीदा जा रहा था। परेशान किसानों द्वारा इसकी शिकायत डीएम नवनीत सिंह चहल सहित अन्य उच्चाधिकारियों से भी की।
डीएम के निर्देश पर खाद्य एवं विपणन अधिकारी व एसडीएम मांट ने मौके पर पहुंचकर जांच की। इसके बाद क्रय केंद्र प्रभारी क्रय केंद्रों पर पहुंच गए और गेहूं की खरीद प्रारंभ कर दी। जावरा निवासी किसान किशन सिंह ने बताया कि अब गेहूं को क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा तोला जा रहा है।
क्रय केंद्रों को वारदाना उपलब्ध कराएं
प्रबंध निदेशक एसडब्लूसी (स्टेट बेयर कॉरपोरेशन) श्रीकांत गोस्वामी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मथुरा के गेहूं की खरीद की जानकारी ली। डिप्टी आरएमओ को निर्देश दिए कि सभी क्रय केंद्रों पर वारदाना पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जाए और किसानों का शत प्रतिशत गेहूं ई-पॉप मशीन से ही खरीदा जाए।
अब तक कुल 61 हजार मीट्रिक टन से अधिक खरीदा गेहूं
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया विगत वर्ष 24 मई को किसानों से तीन लाख 30 हजार 600 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जबकि इस दफा कुल 61 हजार 59 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। पिछली दफा अब तक 5849 व इस दफा 14403 किसान लाभान्वित हुए हैं और किसानों को विगत वर्ष 5895 लाख रुपये का भुगतान हुआ था, जबकि इस दफा किसानों को 12059 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। पिछले वर्ष 6 लाख 12 हजार 480 बोरी प्रयोग हुईं थी, जब इस दफा 12 लाख 21 हजार 192 बोरी प्रयोग हुई हैं।