वृंदावन स्थित शृंगार बट के पास शहर का गंदे नालों का पानी यमुना में जाता हुआ।
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वृंदावन (मथुरा)। भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी कहे जाने वाली यमुना की दुर्दशा उनकी लीला स्थली वृंदावन में बहुत हो रही है। यहां कोसी ड्रेन के साथ स्थानीय स्तर पर अनेक नाले सीधे यमुना में गिर रहे हैं। यहां तक कि नमामि गंगे के तहत किया जा रहा नालों के पानी को रोकने का प्रयास भी कारगर साबित नहीं हो रहा है।
वृंदावन श्रीराधाकृष्ण की लीला स्थली है। यहां भगवान की लीलाओं के साक्षी वन-उपवन के साथ यमुना महारानी ही हैं। वन उपवन निरंतर समाप्त होने की ओर अग्रसर है। ऐसी ही स्थिति यमुना की हो चली है। गंदे नाले सीधे यमुना में गिर रहे हैं। इन नालों को रोकने के प्रयास का दावा तो बड़े स्तर पर किया जाता है, लेकिन स्थिति बहुत विकराल है। कोसी ड्रेन से सैकड़ों क्यूसेक गंदा पानी यमुना में मिलता है।
वृंदावन के अनेक नालों की भी यही स्थिति है, जो यमुना में मिल रहे गंगा जल को भी दूषित कर देते हैं। श्रंगार वट पर बड़ा नाला यमुना में सीधे समाहित हो रहा है। यह बड़ा नाला लंबे समय से यमुना को प्रदूषित कर रहा है, लेकिन इसकी ओर नगर निगम और जल निगम के अधिकारियों की नजर नहीं है। नगर निगम द्वारा यमुना जल के शुद्धिकरण के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। स्थितियां बहुत विकराल हैं। तीर्थ पुरोहित बाबू लाल शर्मा बताते हैं कि कई बार इस स्थिति को लेकर धरना प्रदर्शन हुआ है, लेकिन अधिकारियों पर कोई असर नहीं है। अपर नगर आयुक्त सतेंद्र तिवारी का कहना है कि नमामि गंगे के तहत काम हो रहा है। इसके परिणाम भी जल्द दिखाई देंगे।