मथुरा के वृंदावन में गौरानगर कालोनी से मंगलवार को लापता हुए बच्चों को फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन एवं क्रिकेटर विराट कोहली को करीब से देखने की चाहत मुंबई तक ले गई।
यह बात शुक्रवार को दोनों बच्चों ने वृंदावन में पुलिस और पत्रकारों को बताई। बच्चों ने बताया कि वह अमिताभ बच्चन के आलीशान बंगले जलसा तक तो पहुंच गए थे लेकिन उनसे मिल नहीं पाए।
गौरानगर कॉलोनी निवासी दोनों मंगलवार सुबह 6 बजे वह दोनों अपने घर से दूध लेने के बहाने मुंबई के लिए निकले थे। घर से मथुरा जंक्शन के लिए उन्होंने परिक्रमा मार्ग से आटो पकड़ा और सुबह 7:45 पर मथुरा जंक्शन पहुंच गए।
वहां समय सारिणी देखकर 8:15 पर मुंबई जाने वाली पंजाब मेल में सवार हो गए और अगले दिन बुधवार सुबह 8:30 बजे शिवाजी टर्मिनल पर उतर गए।
यहां से उन्होंने अमिताभ बच्चन के बंगले जलसा तक जाने के लिए ऑटो पकड़ा और जलसा पहुंच गए लेकिन अमिताभ बच्चन से नहीं मिल सके।
दोनों विराट कोहली से मिलने का मन था लेकिन रात होने कारण लौटने का मन बना लिया। मथुरा लौट ही रहे थे कि बोरीवली स्टेशन पर ट्रेन के महिला कोच में जीआरपी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
अपहरण का आरोप
बच्चों बताया कि जीआरपी ने उनसे नंबर लेकर उनकी जानकारी कर पिता को फोन किया। इसके बाद बच्चों के पिता शुक्रवार शाम 4 बजे बच्चों को साथ लेकर वृंदावन आ गए।
हालांकि बच्चों के पिता ने आरोप लगाय कि उनके बच्चों का अपहरण उनके विरोधियों ने ही किया था। षड़यंत्र के तहत बच्चों को मुंबई में ले जाकर छोड़ दिया।
वृंदावन से मुंबई के लिए निकले दोनों बच्चे भावेश और अमन पॉकेट मनी के 350 रुपये लेकर घर से निकले थे। परिक्रमा मार्ग से टेंपो में सवार होकर दोनों मथुरा जंक्शन पहुंचे और पंजाब मेल से मुंबई के लिए रवाना हो गए।