मथुरा में यूपी के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को हेलीपैड तक छोड़ने पहुंचे भाजपा विधायक, जिलाध्यक्ष और पार्टी के बड़े नेताओं की डीएम और एसएसपी से गर्मागर्मी हो गई। आला अफसरों ने भाजपा नेताओं को फटकार लगा दी।
भाजपा नेताओं के मुताबिक एसएसपी ने कहा कि बहुतों की नेतागिरी ठंडी कर दी। तुम क्या चीज हो। डीएम ने भी नेताओं को फटकारते हुए तत्काल हेलीपैड से चले जाने को कह दिया। भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम से प्रदेश संगठन को अवगत कराया दिया है।
दरअसल, गुरुवार को उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मथुरा में आंधी-तूफान में मरे लोगों के परिजनों को सहायता राशि बांटने आए थे।आनन-फानन में तय हुए इस कार्यक्रम में जिले के शीर्ष भाजपाई हेलीपैड पर उपमुख्यमंत्री को विदा करने पहुंचे थे।
एसएसपी ने ये कहा
पुलिस को अंदर जाने से रोकते भाजपाई
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पहले तो डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने भाजपाइयों को हेलीकॉप्टर से दूर रहने को कहा तो एसपी सिटी श्रवण कुमार उन्हें बाहर करने लगे। इस पर भाजपाइयों ने ही नहीं उपमुख्यमंत्री ने भी आपत्ति जताई। अधिकारी पीछे हट गए, लेकिन जैसे ही हेलीकॉप्टर उड़ा तो एसएसपी प्रभाकर लाल पीले होने लगे।
भाजपा नेताओंं ने जो बताया उसके मुताबिक एसएसपी ने कहा, 'यहां से हटाइए सभी को, मेरे सबऑडीनेट को क्या भाषा समझा रहे थे। मैंने बहुतों की नेतागिरी ठंडी की है।' इस घटनाक्रम के दौरान भाजपा विधायक कारिंदा सिंह, पूरन प्रकाश सहित एसके शर्मा, चिंताहरण चतुर्वेदी, समेत तमाम भाजपा नेता मौजूद रहे।
भाजपा जिलाध्यक्ष तेजवीर सिंह ने एसएसपी को टोकते हुए इस तरह की भाषा का प्रयोग न करने को कहा, 'ये सभी कार्यकर्ता सम्मानित पदाधिकारी हैं। यह शैली बर्दाश्त वाली नहीं है।' इस पर एसएसपी ने जिलाध्यक्ष से साफ कह दिया जो करना हो, कर लेना और अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गए।
प्रदेश संगठन से शिकायत
भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी तेजवीर सिंह ने कहा कि एसएसपी का व्यवहार बेहद खराब था। बगैर किसी बात के ही उन्होंने इतना सब बवाल कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम से प्रदेश संगठन को अवगत करा दिया है।
डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने कहा कि वीआईपी आगमन पर व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। कुछ कार्यकर्ताओं उत्साह में वो हेलीकॉप्टर के बेहद नजदीक पहुंच गए थे। उन्हें सिर्फ वहां से हटने को कहा गया। बाकी कोई बात नहीं हुई।
इस संबंध में एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस और हेलीपैड पर सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश करने वालों को टोका गया। इस पर अफसरों से अभद्रता की गई तो उन्हें व्यवहार में सुधार के लिए कहा गया।