डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ते देश में डाक व्यवस्था अभी भी अपने ढर्रे से बाहर नहीं आना चाहती है। इसकी बानगी है मथुरा का यह मामला। यहां एक शख्स ने डाकघर के माध्यम से 11 महीने पहले गोरखपुर के लिए मनीआर्डर भेजा था। वह अब तक नहीं पहुंचा है। मनीआर्डर भेजने वाला व्यक्ति अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
बताया गया है कि मथुरा में गोवर्धन के शास्त्री नगर निवासी हेतीलाल त्रिपाठी ने छह नवंबर 2016 को महरौली स्थित डाकघर से गोरखपुर स्थित गीता प्रेस के कल्याण मासिक पत्रिका के व्यवस्थापक को 220 रुपये का मनीआर्डर भेजा था। वह मनीआर्डर गोरखपुर आज तक नहीं पहुंचा।
इस मामले में हेतीलाल त्रिपाठी महरौली डाकघर से मिली रसीद को लेकर मथुरा के प्रवर डाक अधीक्षक सहित कई डाक अफसरों से मिल चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
हेतीलाल त्रिपाठी का कहना है कि किसी भी अधिकारी ने अभी तक संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। जब उनके पास रसीद है तो पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। प्रवर डाक अधीक्षक उमराव सिंह का कहना है कि मामले को दिखवाया जा रहा है। कहां गड़बड़ी है इसे चेक कराया जा रहा है।