वृंदावन (मथुरा)। इस बार वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को कई शुभ योग बन रहे हैं। इससे अच्छे स्वास्थ्य के साथ ही शुभ फल की प्राप्ति होगी। हालांकि इस साल भी अक्षय तृतीया के मुहूर्त में कोरोना का ग्रहण लगा है लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर व्यक्ति घर पर ही दान पुण्य और जप-तप करे तो उसे शुभ फल की प्राप्ति होगी।
ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता का कहना है कि इस वर्ष अक्षय तृतीया पर रोहिणी नक्षत्र में सुकर्मा और धृति योग बन रहा है। ज्योतिष में ये दोनों ही योग बहुत शुभ माने गए हैं। 14 मई रात्रि 12 बजकर 25 मिनट से 01 बजकर 56 मिनट तक सुकर्मा योग रहेगा और इसके बाद धृति योग शुरू हो जाएगा। ज्योतिष गणना के अनुसार अक्षय तृतीया की तिथि 13 मई को रात 3 बजकर 36 मिनट से 14 मई 2021 को रात 5 बजकर 17 बजे तक रहेगी। अक्षय तृतीया की तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग और मानस योग का निर्माण हो रहा है, जो इस दिन के महत्व में वृद्धि करते हैं।
आलोक गुप्ता बताते हैं कि विशेष बात ये है कि रोहिणी नक्षत्र और मृगशिरा नक्षत्र अक्षय तृतीया की तिथि में ही रहेंगे। इस स्थिति को भी शुभ माना जा रहा है। अक्षय तृतीया पर स्वयं सिद्धि मुहूर्त का निर्माण होने से शुभ कार्य और मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। यह तिथि बहुत ही पुण्यदायिनी मानी गई है। अक्षय तृतीया के पर्व पर यदि राशि के अनुसार दान-पुण्य और कुछ कार्य करते हैं तो लाभ प्राप्त किया जा सकता है।