आपने रंग और गुलाल की होली देखी होगी। फूलों की होली में शामिल हुए होंगे, लेकिन क्या कभी लड्डू होली का हिस्सा बने हैं। यदि नहीं तो मथुरा के बरसाना आइए।
लठामार होली से एक दिन पहले 23 फरवरी को बरसाना में राधारानी मंदिर पर लड्डू होली खेली जाएगी। लाखों श्रद्धालु इस होली का हिस्सा बनेंगे। सैकड़ों कुंतल लड्डू बरसाए जाएंगे।
देश भर में केवल बरसाना ही एक ऐसा स्थान है जहां लड्डू होली खेली जाती है। श्रीकृष्ण और राधा रानी के भक्त बरसाना पहुंचकर खूब लड्डू उड़ाते हैं। हालांकि समय के साथ-साथ अब टॉफी और चाकलेट भी बंटने लगी है।
कुछ लोग उपहार का भी वितरित करते हैं। इस लड्डू होली में शामिल होने के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसमें उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और गुजरात से बड़ी संख्या में कृष्ण भक्त पधार रहे हैं।
हलवाइयों को लड्डू बनाने का आर्डर दे दिया गया है। कुछ लोग मथुरा में लड्डू बनवा रहे हैं तो कुछ बरसाना में ही। जयपुर निवासी शोभित गुप्ता मथुरा पहुंच गए हैं।
वह लड्डू होली में शामिल होंगे। अगले दिन लठामार होली देखेंगे। दिल्ली से दिवाकर गुप्ता भी परिवार के साथ पहुंच गए हैं। वह भी लड्डू बनवा रहे हैं।
इसलिए खेली जाती है लड्डू होली
लड्डू होली के पीछे बताया जाता है कि द्वापर युग में बरसाना से राधा रानी की सखियां नंदगांव में कृष्ण और उनके सखाओं को होली का निमंत्रण देने गईं थीं। वहां कृष्ण और उनके सखाओं ने होली का आमंत्रण स्वीकार कर लिया था।
इसी खुशी में (बृषभान भवन) श्रीजी भवन में जश्न मनाया गया था। एक-दूसरे को लड्डू बांटे गए थे। श्रीजी मंदिर के सेवायत गोपेंद्र गोस्वामी ने बताया कि 23 फरवरी की सुबह को बरसाना से सखियां होली का निमंत्रण लेकर नंदगांव जाएंगी।
नंदभवन में सभी लोग इकट्ठे होंगे। सखियां जो गुलाल लेकर जाएंगी उसे नंदगांव में घर-घर बांटा जाता है। सखियों के निमंत्रण पर नंदगांव के लोग 24 फरवरी को लठामार होली खेलने के लिए बरसाना पहुंचेंगे।
जब नंदगांव के लोग होली का आमंत्रण स्वीकार कर लेते हैं तो बरसाना के घर-घर में जश्न मनता है। मंगलगीत गाए जाते हैं। राधारानी मंदिर में उत्साह का माहौल रहता है। हर तरफ मंगल गीत गूंजने लगते हैं। नंदगांव के पांडे बरसाने आयो रे...।