अदालत ने ये सजा भी सुनाईं
इसके अलावा अभियुक्त सतीश को धारा-363 भारतीय दंड संहिता के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा ना करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अभियुक्त सतीश को धारा 1-376 एबी भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई। वहीं 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। यह अर्थदंड अदा ना करने पर अभियुक्त छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगेगा।
उपमन्यु ने बताया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियुक्त न्यायिक अभिरक्षा में है। इस निर्णय की प्रति उच्च न्यायालय इलाहाबाद को मृत्युदंड की पुष्टि के लिए भेजी जाएगी। वहीं अभियुक्त पर लगे अर्थदंड में से 80 प्रतिशत धनराशि मृतका के माता-पिता को दी जाएगी। पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि इतनी जल्दी हमें न्याय मिला है, इसके लिए अदालत का आभार प्रकट करते हैं। हमें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। अभियुक्त के वकील योगेश तिवारी ने कहा कि अभियुक्त ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था, इसलिए यह सजा हुई है।