कोसीकलां (मथुरा)। पुलिस ने गांव नगला उटावड़ में एक खेत में चल रही तमंचा बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने आशंका जताई है कि पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा फैलाने के लिए इन हथियारों की सप्लाई की जा सकती थी। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर मौके से कई बने-अधबने तमंचे और शस्त्र बनाने के औजार बरामद किए हैं। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
शुक्रवार रात इंस्पेक्टर प्रमोद पंवार के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में वांछित बदमाशों और संदिग्धों की तलाश में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति नगला उटावड़ में एक खेत में बंद पड़े मकान में अवैध रूप से असलहा बनाने का काम कर रहे हैं। पुलिस टीम ने बंद पड़े मकान पर दबिश दी। टीम ने मौके से दो लोगों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम कंजर, अनवर निवासी गांव नगला उटावड़ बताया। पुलिस ने मौके से चार तमंचे समेत अधबने तमंचे, पोनिया, बरामद किए। इसके अलावा अवैध शस्त्र बनाने के उपकरण नाल, बॉडी तमंचा, पत्ती तमंचे के नीचे लगने वाली, छेनी, ड्रिल रॉड, सुम्मी, स्प्रिंग, पत्ती अलग-अलग प्रकार की, एक आरी मय ब्लेड, बड़ा हथौड़ा, छोटी हथौड़ी, रेती, रेकमाल का पत्ता, टॉर्च, छोटा गैस सिलिंडर आदि सामान बरामद किया।
तीन से पांच हजार में बेचते थे तमंचा
पकड़े लोगों ने बताया कि वह तीन से पांच हजार रुपये में तमंचा बेचते थे। सबसे ज्यादा मांग अपराध से जुड़े लोगों की है। जेल में बंद अपराधी भी सप्लाई में पूरी मदद करते हैं। इसके एवज में अवैध हथियार बनाने वाले और सप्लाई करने वाले उन्हें हिस्सा देते हैं।
एक दिन में बनाते हैं दो तमंचे
पुलिस के अनुसार हथियारों के सौदागर दूरदराज राज्यों से अवैध हथियार मंगवा लेते हैं। जांच में सामने आया कि एक आरोपी एक दिन में दो अवैध तमंचे बना देता है। इसके लिए उसे 1000 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं।
पुलिस ने शुक्रवार को नगला उटावड़ से दो युवकों को पकड़ा है। आरोपी उक्त मकान में अवैध असलहा बनाने की फैक्टरी संचालित कर रहे थे। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
- श्रीश चंद, एसपी ग्रामीण।