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सलाखों के पीछे ऐसी है इन बंदियों की जिंदगी, तबीयत बिगड़ी तो खुला राज

Sat, 26 May 2018 10:55 AM IST
आसिफ अली, अमर उजाला मथुरा
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मथ्ाुरा जेल - फोटो : अमर उजाला
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जिला कारागार में निरुद्ध बंदी जिंदा नरक भोग रहे हैं। जिस बैरक में 30 बंदी रह सकते हैं वहां 100 को रखा जा रहा है। बैरकों के भीतर भीषण गर्मी में बंदी घुटन महसूस करने लगे हैं। 
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जिला कारागार के हालत काफी खराब हैं। 554 क्षमता वाली जेल की 19 बैरकों में 1657 बंदियों को रखा जाता है। नियमानुसार एक बैरक में 30 से 40 बंदियों को रखा जा सकता है। 

बावजूद इसके एक बैरक में 100 से 140 बंदियों को रखा जा रहा है। इसका असर बंदियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। गुरुवार को जिन महिला बंदियों की हालत बिगड़ी उसके पीछे भी अधिक संख्या को वजह माना जा रहा है। 
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जिला अस्पताल भेजी गई महिला बंदियों में से रेखा पत्नी तेजपाल निवासी नगला रोकारेला रुनकता आगरा हाल निवासी ग्राम इंदावली बलदेव को आगरा रेफर कर दिया गया है। 

जिला चिकित्सालय में महिला बंदियों का इलाज करने वाले चिकित्सक रवि माहेश्वरी ने बताया कि उनकी हालत में सुधार है। रेखा घबराहट की शिकायत कर रही थी उसे आगरा भेज दिया गया है। दो महिलाओं को पथरी की शिकायत है।  

जिला कारागार से पेशी पर आए बंदियों ने जेल के हालात बया करते हुए बताया कि वहां रुपये के दम पर हर सुविधा उपलब्ध होती है। रुपया नहीं देने वाले बंदियों को जेलर की प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। जेल में हर सुविधा की कीमत तय है। 
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चिकित्सकों की टीम पहुंची थ्ाी जेल 

महिला बंदियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए जिला अस्पताल की टीम डॉ. ब्रजेश खन्ना के नेतृत्व में पहुंची। टीम ने सभी महिला बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की। 

जेल अधीक्षकशैलेंद्र कुमार मैत्रेय का कहना है कि जेल में ओवर क्राउड है। बैरकों की क्षमता बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखे गए हैं। जिलाधिकारी के माध्यम से भी पत्र लिखे गए हैं। गर्मी के कारण महिला बंदियों की हालत बिगड़ी थी। 
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