फालैन के प्रह्लाद कुंड में गिरता गंदा पानी।
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कोसीकलां (मथुरा)। गांव फालैन में होली की लपटों से निकलने के लिए बाबूलाल पंडा तो तप पर बैठ गया, लेकिन प्रह्लाद कुंड में जा रहे नालियों के गंदे पानी की समस्या के निदान के लिए प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। इससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। बता दें कि प्रह्लाद मंदिर में मोनू पंडा तप कर रहा है और 29 मार्च को होली के जलते अंगारों से निकलने से पहले प्रहलाद कुंड में स्नान करेगा, लेकिन कुंड की स्थिति खराब है।
आचमन के लिए दुर्लभ माने जाने वाला प्रह्लाद कुंड अब गांव के गंदे नालों को समेटने वाला तालाब बन गया है। जिससे आचमन करना तो दूर, छूना भी बीमार कर सकता है। इसका कारण कोई और नहीं बल्कि स्वयं गांव के लोग हैं। गांव फालैन को प्रह्लाद नगरी का दर्जा भक्त प्रह्लाद से जुड़ी लीलाओं ने ही दिया है। प्रह्लाद कुंड में आस्था की डुबकी लगाकर धधकते अंगारों में कूदने वाला पंडा भी कुंड की इस वेदना से अलग नहीं है। आलम यह है कि इस कुंड में गांव की नालियों का गंदा पानी गिर रहा है। हालांकि ग्रामीण कई बार प्रशासन से से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार मामला दबा दिया जाता है। होलिका आते ही यह मुद्दा कुछ दिनों के लिए लोगों की जुबान पर आता है। मोनू पंडा तप पर बैठ गया है, इस बार 29 मार्च की तड़के होली के जलते अंगारों से मोनू निकलेगा। कमल चौधरी, भरत सिंह का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों को आकर व्यवस्था देखनी चाहिए। कोई कुछ सुनने को या करने को तैयार नहीं है। फिर लोगों से झगड़ा कौन मोल ले।
प्रह्लाद कुंड में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने, सफाई कराने एवं मेले की अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए जा चुके हैं। अतिक्रमण भी जल्द हटवा दिए जाएंगे। जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
-हनुमान प्रसाद मौर्य, एसडीएम, छाता।