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दे देंगे हम जान मगर जमीर नहीं देगें, भारत की जन्नत का कश्मीर नहीं देंगे...

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फिरोजाबाद : टूंडला के असन चौराहा पर कवि सम्मेलन में पाठ करते कवि रामराहुल। - फोटो : TUNDLA
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टूंडला (फिरोजाबाद)। महाशिवरात्रि के मौके पर गांव असन चौराहा पर स्थित शनी देव मंदिर में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उदयवीर सिंह यादव जबकि अध्यक्षता चोब सिंह ने की। कवि सम्मेलन की शुरूआत कासगंज के आये कवि निर्मल सक्सेना की सरस्वती वंदना से हुई। इस दौरान हाथरस की कवियित्री रूबिया खान ने पढ़ा- दे देंगे हम जान मगर जमीर नहीं देंगे, भारत की जन्नत का कश्मीर नहीं देंगे।
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राष्ट्रीय कवि व पूर्व सांसद प्रो. ओमपाल सिंह निडर ने पढ़ा- सौगंध राम की खायी थी वो पूर्ण कर रहे राम सुनो, अपनी क्या औकात स्वयं का काम कर रहे राम सुनो। कवि मंजुल मयंक ने पढ़ा- पागल कुत्तों से बचना चाहता हूं जब काट लेते हैं तब पहचान पाता हूं। दोसा राजस्थान के कवि हाकिम सिंह गुर्जर ने पढ़ा- कभी नहीं चिंता है तुमको खेत और खलिहान की, जिसकी आंखों में आंसू हैं उसको चिंता हिंदुस्तान की।
प्रांजलि प्रताप सिंह ने पढ़ा- कितना भी समझाओ अब तुम मुझको मेरे मीत, किन्तु तुम्हारे घर आना मेरी मजबूरी है। इसके अलावा आगरा के कवि रजनीश उपाध्याय, जीपी गौतम व राजवीर सिद्धार्थ ने भी काव्यपाठ किया। संचालन कवि राम राहुल ने किया। इस मौके पर आयोजक मुकेश ठेकेदार, नोरंग सिंह यादव, बीरी सिंह प्रधान, विकास भारती उपस्थित रहे।
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