पुलिस ने बताया कि सहकारी बैंक में रैकी के बाद चोरी की गई। चोर ने बैंक में प्रवेश करते ही कैशियर पर नजर रखना शुरू कर दिया। कैशियर के बाहर जाते ही बैंक कर्मचारियों से नजर बचा कर चोर कैश काउंटर तक पहुंच गया और नोटों से बंधे पांच-पांच लाख रुपये के दो बंडल पॉलीथिन में डाल कर रफूचक्कर हो गया।
मथुरा के कस्बा चौमुहां स्थित जिला सहकारी बैंक में दिन दहाड़े कैश काउंटर से 10 लाख रुपये चोरी हो गए। दिन दहाड़े बैंक में हुई चोरी की घटना से बैंक कर्मचारियों के होश फाख्ता हैं। चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। बैंक में चोरी की घटना की जानकारी के बाद जैत पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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पुलिस ने बताया कि सहकारी बैंक में रैकी कर चोरी के इरादे से आए युवक ने बैंक में प्रवेश करते ही कैशियर हरीश यादव पर नजर रखना शुरू कर दिया। कैशियर के बाहर जाते ही बैंक कर्मचारियों से नजर बचा कर चोर कैश काउंटर तक पहुंच गया और नोटों से बंधे पांच-पांच लाख रुपये के दो बंडल पॉलीथिन में डाल कर रफूचक्कर हो गया। चोरी की घटना बैंक में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। बैंक प्रबंधक वरुण कटियार ने बताया कि चोर पांच-पांच लाख रुपये के दो बंडल कैश काउंटर से चुरा कर ले गया है। जैत पुलिस को तहरीर दी गई है।
जैत थाना प्रभारी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि शीघ्र ही चोरी की घटना का खुलासा कर चोर को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। भूमि विकास बैंक के चेयरमैन धनीराम सिसौंदिया ने कहा कि इस घटना में बैंक कर्मियों की लापरवाही नजर आ रही है। बता दें इससे पूर्व सिडिकेंट बैंक में वर्ष 2011 में 26 लाख की लूट हो चुकी है।
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बैंक मैनेजर वरुण कटियार ने बताया कि पूरी बैंक में चार लोगों का स्टाफ है। उस वक्त सभी बैंक कर्मचारी इधर-उधर थे, तभी उस युवक मौका पाकर बैंक में रखे कैश में से पांच-पांच लाख रुपये की दो गड्डियां लेकर फरार हो गया। कैशियर हरेश प्रताप ने बताया कि वह यहां डेढ़ वर्ष से कार्यरत हैं। थोड़ी देर के लिए केबिन को छोड़ कर बैंक के बाहर गए थे, इसी दौरान युवक ने बैंक की कैश केबिन में रखे 10 लाख रुपये पार कर दिए थे।
बैंक की सुरक्षा के लिए लगाई गई पुलिस पिकेट रहती है गायब
कस्बा में बैंकों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस पिकेट तैनात रहता है, लेकिन पुलिस पिकेट के सिपाहियों को बैंकों की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। इसके चलते चोरों के हौसले बुलंद हैं। चोर दिन दहाड़े चोरी की घटना को अंजाम देकर बड़ी आसानी से बच कर निकल जाते हैं।पुलिसकर्मियों को केवल स्टेट बैंक के बाहर बैठे तो देखा जाता है, मगर उनको जिला सहकारी व केनरा बैंक की सुरक्षा की तो वर्षों से सुध नहीं है।