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मथुरा: भागन तै फागुन आयो, होरी खेलूंगी श्याम संग...

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मथुरा। बठैन में हुरंगा मेले में नगाड़ा बजाते जाव के हुरियारे। - फोटो : KOSI
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कोसीकलां (मथुरा)। फागुन में जेठ कहै भाभी... वाली कहावत बुधवार को बठैन में देखने को मिली। बलराम ने झाड़ियों की ओट लेकर राधा से होली खेली। प्रेम रस रंग भरे हुरंगे की धमक बंब नगाड़ों की गूंज बठैन में सुनाई दी। बठैन पहुंचे जाव के हुरियारों पर हुरियारिनों ने लाठियां चलाकर मंगलवार का बदला लिया। प्रेम से सराबोर होली को देखकर दूरदराज से आए श्रद्धालु ने प्रेम रस में डूबकर अबीर-गुलाल की वर्षा कर जय-जयकार करने लगे।
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दोपहर करीब तीन बजे जाव के हुरियारे बलराम की प्रतीक झंडी को लेकर दाऊजी मंदिर पर एकत्रित हुए। मंदिर में भागन तै फागुन आयो, होरी खेलूंगी श्याम संग..., नंदी भागन तै फागुन आयो, उनने चलाई पिचकारी, अरक जा, हमनै उडायौ गुलाल...सहित रसिया और ब्रजभाषा प्राचीन होली पदों के स्वर गूंजे। हुरंगे को देखने के लिए आसपास के गांवों के काफी ग्रामीण वहां एकत्रित हुए। सतमाज गायन के बाद जाव के हुरियारे ढोल-नगाड़े लेकर नाचते-कूदते चल रहे थे जो हाथों में ढप ढोल बजाते हुए गायन कर रहे थे। पीछे सींग की झाड़ियां लेकर युवक चल रहे थे।
शोभायात्रा शाम छह बजे गांव के बाहर मैदान पर पहुंची। हुरियारन जहां घूंघट ओढ़े और हाथों में लाठियां लिए स्थान-स्थान पर खड़ी थी और बरसाने की लट्ठमार होली की भांति लाठियों से हुरियारों पर लकड़ी के विशेष प्रकार से बने हलों पर वार कर रही थीं। गोल घेर में 35 फीट व्यास के आकार के गोले में हुरियारे भागते हुए हुरियारिनों की लाठियों के प्रहार को रोक रहे थे। हुरंगे में बलदाऊ की जय, राधा रानी के जयघोष गूंजते रहे।
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