वृंदावन (मथुरा)। शुक्रवार को भैरव बाबा का जयंती महोत्सव विविध धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस दौरान भैरव बाबा के मंदिरों में पूजन करते हुए सुख समृद्धि की कामना की गई। साथ ही जयकारे लगाए।
ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर वृंदावन में मां दुर्गा के अनुचर भैरव बाबा के प्राक्टय दिवस पर विभिन्न भैरव मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रद्धा व आस्था के साथ मोतीझील स्थित प्राचीन भैरव बगीची पर विशेष कार्यक्रम हुआ। प्रात:काल भगवान भैरव के श्री विग्रह का दुग्ध, दही, मधु, घृत, शर्करा, इत्र, गंगा-यमुना जल आदि से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भक्तों ने महाभिषेक किया। बाबा के विग्रह पर गोघृत मिश्रित सिंदूर का लेपन कर चोला धारण कराया गया।
सायंकाल भैरव बाबा को सुगंधित पुष्पों से सुसज्जित बंगले में विराजित किया गया। छप्पन भोग व्यंजन निवेदित किए गए। सुमधुर भजन गायकों ने भैरव बाबा की महिमा का गुणगान किया। भक्त मुरारी थोकदार ने बताया कि इस मंदिर में पूरी श्रद्धा के साथ भैरव अष्टमी का आयोजन भक्तों द्वारा किया जाता है। पुरुषोत्तम महाराज व पप्पू महाराज ने बताया कि बाबा की आराधना करने से मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।