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जिंदगी से खिलवाड़: प्रसव पीड़ा होने पर कंपाउंडर ने किया ऑपरेशन, कोमा में गई प्रसूता

Mon, 03 Jun 2019 01:57 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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इसी अस्पताल में किया गया प्रसूता का ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के श्री बांके बिहारी अस्पताल में मरीज भर्ती पर रोक है। इसके बावजूद यहां पर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां प्रसव पीड़ा होने पर कंपाउंडर ने प्रसूता का ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और वो कोमा में चली गई। 
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इस पर यहां के स्टाफ ने महिला को खंदारी स्थित स्पर्श मल्होत्रा अस्पताल में भर्ती करा दिया। हालत में सुधार न होने पर रविवार को मरीज को रेफर किए जाने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। बाद में तीमारदारों को शांत कराते हुए मरीज को जयपुर के लिए रेफर करवाया।  
 
सिकंदरा निवासी अरुण कुमार की पत्नी राधा देवी (25) को प्रसव पीड़ा होने पर बोदला-सिकंदरा रोड स्थित श्री बांके बिहारी अस्पताल में 29 मई को भर्ती कराया गया। अरुण कुमार का आरोप है कि सामान्य डिलीवरी में जान का खतरा बताते हुए अस्पताल की आया और कंपाउंडर ने पत्नी का ऑपरेशन कर दिया। 
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ऑपरेशन के बाद नहीं आया होश

हंगामा करते प्रसूता के परिजन - फोटो : अमर उजाला
ऑपरेशन के बाद पत्नी को होश नहीं आया। इस पर यहां के स्टाफ ने एंबुलेंस बुलाकर स्पर्श मल्होत्रा अस्पताल भेज दिया। एक लाख रुपये यहां खर्च हो गए, पर्चे भी नहीं दिए, पत्नी को क्या हुआ है, यह भी नहीं बताया।

रविवार को स्पर्श मल्होत्रा अस्पताल में डॉक्टर ने जयपुर ले जाने को कहा तो तीमारदार बिफर गए। इलाज पर दो लाख पर खर्च होने की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि जब मरीज को लेकर आए, तब वह कोमा में थी, यहां इलाज से मामूली सुधार हुआ है, मरीज की बेहतरी के लिए हायर सेंटर ले जाना जरूरी है। 

हंगामे की सूचना पर पर पुलिस पहुंच गई। दवाओं के बिल आदि जांचने के बाद करीब 80 हजार रुपये का खर्च सामने आया। वहीं, प्रसूता के जेठ राकेश कुमार ने बताया कि श्री बांकेबिहारी अस्पताल के संचालक के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। 
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दो सप्ताह बीते पर निरस्त नहीं हुआ लाइसेंस 

श्री बांकेबिहारी अस्पताल में 16 मई को प्रशासन की टीम ने छापा मारा था। यहां डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ नहीं मिला था। मरीज भर्ती पर रोक लगाने के साथ ही इसका लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करते हुए स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी थी। दो सप्ताह से अधिक समय होने पर भी इस अस्पताल का लाइसेंस निरस्त नहीं किया। 

स्पर्श मल्होत्रा नर्सिंग होम के संचालक डॉ स्पर्श मल्होत्रा ने बताया कि प्रसूता जब भर्ती कराई गई, तब  डीप कोमा में थी। बीपी भी बहुत कम था। आईसीयू में भर्ती कर इलाज दिया गया। नाजुक हालत होने पर हायर सेंटर के लिए रेफर किया है। 

अपंजीकृत अस्पताल प्रभारी डॉ. अजय कपूर ने बताया कि श्री बांकेबिहारी अस्पताल पर मरीज भर्ती पर रोक के बावजूद इलाज चल रहा है, इसकी जांच करने टीम जाएगी। डिलीवरी प्रकरण में भी जांच की जाएगी।
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