साइबर थाना पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी के आरोपी अलीगढ़ के थाना चंडौस के गांव अमृतपुर निवासी अजय उर्फ टीपू को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। उसने सात गुना मुनाफे का लालच देकर 1500 लोगों से 50 करोड़ से अधिक की ठगी की। उसके खिलाफ अप्रैल 2024 में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। छह अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही ठगी के शिकार सैकड़ों लोग साइबर थाना पहुंच गए। पुलिस ने आरोपी के साथियों की गिरफ्तारी के बाद संपत्ति कुर्क कर रकम वापस करवाने का आश्वासन दिया।
एडीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि 15 अप्रैल 2024 को दयालबाग के देवेंद्र कुमार और अन्य पीड़ितों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि आरोपी अजय उर्फ टीपू ने यूएस की क्रिप्टोकरेंसी एएसटी कॉइन के नाम से एएसटीकॉइन.बिज नाम से फर्जी वेबसाइट बनाई। उसने अपने साथी आगरा के आवास विकास काॅलोनी सेक्टर-7 निवासी नरेंद्र सिसौदिया, दीक्षा सिसौदिया और गोपाल, विनय, विनोद, शुभम सिसौदिया व बागपत के सचिन कुमार को अपने साथ ठगी में शामिल किया।
आरोपी लोगों से 8,500 रुपये लेकर वेबसाइट की आईडी बनाता था। उनसे रेफरल कोड के जरिये कम से कम 11 लोगों को जोड़ने को कहता था। इसके बाद निवेश करने पर मात्र 20 माह में सात गुना मुनाफे का लालच देकर रकम जमा करवाता था। आरोपी पांच सितारा होटलों में सेमिनार कर अपना और अपने साथियों का लग्जरी रहन-सहन दिखाकर लोगों को करोड़पति बनाने के सपने दिखाता था। उसने 1500 से अधिक लोगों से 50 करोड़ से अधिक रुपये की ठगी की और भाग निकला। आरोपी और उसके साथी तकादा करने पर धमकाते थे। एडीसीपी ने बताया कि मुख्य आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। उसके साथियों की तलाश की जा रही है। उसने कहां-कहां ठगी की इसकी भी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
गाजियाबाद में छिपकर कई राज्यों में फैलाया नेटवर्क
एडीसीपी ने बताया कि आरोपी वर्तमान में गाजियाबाद के कौशांबी स्थित राधा कृष्ण लेन में रह रहा था। वहां से उसने इसी तरह मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में नेटवर्क फैला लिया था। शुरुआत में स्थानीय लोगों को मुनाफे के रुपये देता था। सेमिनार में लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर निवेश करवाता और फिर रकम लेकर भाग जाता। इसके बाद पीड़ित स्थानीय लोगों के पीछे पड़ जाते थे।