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आगरा-दिल्ली मार्ग पर गैस से भरे टैंकर में लगी भीषण आग, बड़ा हादसा टला

Thu, 08 Oct 2020 11:20 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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गैस से भरे टैंकर में लगी भीषण आग - फोटो : अमर उजाला
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आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के कार्यालय के ठीक सामने बुुधवार दोपहर को 2:45 बजे एलपीजी के बड़े टैंकर (कैप्सूल) में भीषण आग लग गई। चालक ने जलते कैप्सूल से कूदकर खुद को बचाया। धुआं एक किमी. दूर से नजर आ रहा था। 20 फुट ऊंची लपटें उठीं। आग बुझाने में छह दमकलों को एक घंटा लगा। आग लगने की वजह बैटरी में शार्ट सर्किट मानी जा रही है।
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बिहार के जिला सीवान निवासी चालक सूरज महतो बुधवार दोपहर को एलपीजी कैप्सूल को मथुरा रिफाइनरी से लेकर नेपाल के लिए निकला था। इसमें तकरीबन 18 मीट्रिक टन गैस थी। गुरुद्वारा गुरु का ताल पर आते ही चालक केबिन में धुआं निकलने लगा। चालक ने पुलिस को बताया कि धुआं निकलता देखकर एक बोतल में रखा पानी डाला। मगर, आग बुझने के बजाय और बढ़ गई।

इस पर कैप्सूल को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम दफ्तर के सामने रोक दिया मगर, लपटें निकलने लगीं। यह देखकर वह केबिन से कूदकर भागा। सूचना पर थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार फोर्स के साथ पहुंचे। 20 मिनट बाद छह दमकल आ गईं। कैप्सूल को खड़ा करा दिया है। कैप्सूल को दूसरे इंजन से जोड़कर ले जाया जाएगा।
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टायर और टैंक फटे, तेज आवाज से दहशत में आए लोग
गैस कैप्सूल में आग लगने के बाद एक के बाद एक तीन धमाके हुए। पहला धमाका टैंक फटने से हुआ। दो धमाके कैप्सूल के अगले हिस्से के दो टायर फटने से हुए। इससे आसपास के लोग दहशत में आ गए। बिजली विभाग के कर्मचारी, पत्थर घोड़ा के लोग और जूता फैक्टरी के श्रमिक दूर भाग गए।

आग लगते ही थमा ट्रैफिक, रूट बदलकर निकाला
आग लगते ही हाईवे पर गुरुद्वारा गुरु का ताल और आईएसबीटी के सामने से दोनों तरफ का रास्ता पुलिस ने रोक दिया। भगवान टाकीज और रुनकता से आगे भारी वाहनों को नहीं आने दिया गया।


यहां ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। इससे रास्ते में जाम लग गया। गुरुद्वारा गुरु का ताल और आईएसबीटी से वाहनों की एक-एक किलोमीटर तक लंबी लाइन लग गई। सिकंदरा से भी वाहनों को बोदला रोड की तरफ निकाला गया। दो घंटे तक ट्रैफिक रेंगकर चला।

यतेंद्र और जयप्रकाश ने दिखाया साहस
कैप्सूल में आग लगने की घटना के बाद चालक दूर भाग गया था। वह फायर एस्टिंगुशर तक नहीं लाया। इस पर खोखा चलाने वाले जयप्रकाश, मंदिर के पुजारी के बेटे यतेंद्र उर्फ आशु आ गए।

उन्होंने सबमर्सिबल पंप चला दी। इसके बाद बिजली विभाग के दफ्तर से प्रमोद और अखिलेश भी आ गए। एक ने बाल्टी में पानी भरा तो प्रमोद और जयप्रकाश पानी डालते रहे। बाद में जब आग नहीं बुझी तो लोगों को दूर हटा दिया। आग दमकलों से ही बुझी।

बिजली बंद की, पेट्रोल पंप से तेल वितरण रोका
दक्षिणांचल के सामने आग लगी थी और सड़क के दूसरी ओर पेट्रोल पंप है। ऐसे में वहां डर का माहौल हो गया। एहतियात के तौर पर पेट्रोल पंप से एक घंटे तक तेल का वितरण बंद किया गया। इसी बीच किसी ने टोरंट को फोन पर सूचना दी। इस पर इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। यह आग बुझने पर सुचारू की गई।
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फिर भी गनीमत रही गैस में आग नहीं लगी
गनीमत यह रही कि आग केबिन से कैप्सूल की गैस तक नहीं पहुंची वरना बड़ा हादसा हो सकता था। लोग यही प्रार्थना कर रहे थे कि गैस तक आग न पहुंचे।

शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा ने बताया कि अगर, एलपीजी कैप्सूल तक आग पहुंच जाती तो बुझाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता था। मगर, उसे समय रहते बुझा लिया गया। आशंका है कि चालक के केबिन में रखी बैटरी में शार्ट सर्किट से आग लगी होगी। हालांकि अभी जांच की जा रही है।
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