छह लोग दो बार से अधिक कर चुके हैं प्लाज्मा दान:
ऐसे भी महादानी हैं, जिन्होंने दो बार से भी अधिक प्लाज्मा दान किया है। इसमें अर्जुन वर्मा ने तीन बार और डॉ. आरके सिंह, प्रदीप चौधरी, रोबिन जैन, राजेश मांगवानी और कैलाश चंद्र दो-दो बार मरीजोंके इलाज के लिए प्लाज्मा दान कर चुके हैं।
क्या है प्लाज्मा थेरेपी:
कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने के 90 दिन में प्लाज्मा दान किया जा सकता है। इससे पहले उसके शरीर में एंटीबॉडी की जांच कराई जाती है। इसमें एंटीबॉडी को स्तर 118 से अधिक होने पर ही प्लाज्मा दान किया जा सकता है। इसे समान ग्रुप वाले मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाया जाता है। इससे मरीज के रक्त में वायरस की रोकथाम के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से विकसित होने लगती है।