यमुनापार स्थित नगला किशनलाल में शनिवार तड़के घर में आग लगने से कमरे में सो रहे सत्यप्रकाश की जिंदा जलकर मौत हो गई। पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर आग पर काबू पाया। दमकलें भी मौके पर पहुंचीं। आग शाॅर्ट सर्किट से लगना बताया जा रहा है।
सत्यप्रकाश (48) मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। ट्रांस यमुना थाने के एसओ सुमनेश विकल ने बताया कि हादसा तड़के करीब 3:30 बजे हुआ। सत्यप्रकाश की पत्नी राजनदेवी अपने बच्चों अंशिका, शशि और रवि को लेकर गेहूं की कटाई करने हाथरस गई हुई थीं। घर में सत्यप्रकाश और उनका साला गिरीश थे। एक कमरे के घर में ही गृहस्थी का पूरा सामान और रसोई भी थी। गिरीश छत पर जाकर सो गए जबकि सत्यप्रकाश कमरे में सो रहे थे।
गिरीश ने अपनी बाइक भी कमरे में रख दी थी। रात को किसी वक्त शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई। बिस्तर में आग लगने से पूरे कमरे में धुआं भर गया। सत्यप्रकाश को बच निकलने का मौका नहीं मिल सका। पड़ोसी जितेंद्र की आंख खुली तो उसने पड़ोस के कमरे से धुआं उठते देखकर शोर मचा दिया। आसपास के लोग जुट गए। उन्होंने आग बुझाने के लिए दरवाजा तोड़ा। पानी डालकर आग बुझा दी।
आसपास के लोग अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक सत्यप्रकाश की मौत हो चुकी थी। दोपहर को परिजन भी घर पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने बताया कि आग शाॅर्ट सर्किट से लगने का अंदेशा है। जांच की जा रही है।
कमरे में धुआं भरने से हुआ अचेत
पुलिस ने बताया कि कमरे में आग लगने पर धुआं भर गया था। धुएं के कारण सत्यप्रकाश बेहोश हो गया था। उसे अपने बचाव का मौैका भी नहीं मिला। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आग इतनी भड़क चुकी थी कि वह दरवाजे तक भी नहीं पहुंच पाया। अंदर ही फंस गया था। पड़ोसियों को जब तक जानकारी हुई, तब तक देर हो चुकी थी।