विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के प्रोफेसर बृजेश तिवारी ने कहा कि जब तक दवाई नहीं, तब ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। त्योहार पर बाजारों में भीड़ बढ़ने से कोरोना के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। हमें मास्क पहनने के साथ सामाजिक दूरी का पालन करना है। मास्क कोरोना से ही नहीं अन्य कई बीमारियों से भी बचाता है। दवा आने तक हमें सुरक्षित रहना है। प्रदूषण से संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है।
'लक्षण दिखने पर पहले खुद को आइसोलेट करें'
कोरोना संक्रमण से ठीक हुए विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल गुप्ता ने कहा कि कोरोना के बारे में समाज में अभी और जागरूकता लाने की जरूरत है। लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। खुद इलाज न करें। शुरुआती लक्षण को हल्का लेने से मुश्किल बढ़ जाती है। लक्षण दिखने पर ही खुद को आइसोलेट कर लें।
'रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दें'
सामुदायिक रेडियो की निदेशक व गृह विज्ञान संस्थान के फूड एंड न्यूट्रीशन विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि संक्रमण की वजह से मृत्यु दर बढ़ रही है। त्योहारी मौसम में लोगों ने शासन के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया। इससे संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। मौसम जनित बीमारियां भी लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रही हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। गरम पानी पीना चाहिए।