बताया कि आर्थिकरूप से कमजोर होने के कारण वह दहेज की मांगें पूरी नहीं सकी। रविवार को लक्ष्मी ने फोन उसे फोन किया। इस दौरान वह काफी घबराई हुई थी। वह अपनी जान का खतरा बता रही थी। उसकी चार माह की अबोध बेटी भी है। वह उसके भविष्य को लेकर भी चिंतित थी।
बदहवास हालत में सुसराल पहुंची मां
वह कुछ निर्णय कर पाती या किसी को यह बात बताती इससे पहले ही सोमवार को लक्ष्मी के चचिया ससुर ने उसकी मौत होने की सूचना दी। इस पर वह बदहवास हालत में उसके सुसराल गोबरा पहुंची। बताया कि ससुराली मेरे पहुंचने से पहले ही बेटी को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जा चुके थे। जानकारी पर मैं भागती हुई चितास्थल पहुंची।
दहेजलोभियों ने बेटी को जला दिया
बताया कि वहां का दृश्य देखकर उसके हाथ पैर ढीले हो गए और वह बेहोश होकर गिर गई। दहेजलोभियों ने उसकी बेटी को जला दिया था। अंतिम बार बेटी का मुंह भी नहीं देखने दिया। बताया कि होश आने पर लक्ष्मी के ससुराल के लोग उसे भी जान से मारने की धमकी देने लगे। पुलिस ने कमलेश की तहरीर पर पति हेतू, ससुर बच्चू सिंह, सास कलावती और हेतू के भाइयों छोटू, पवन और टिर्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।