जाति और वंश के फेर में रिश्ता टूट गया। फेरों के वक्त लड़की पक्ष को पता चला कि लड़का पक्ष उनके कुल से नीचा है तो शादी से इंकार कर दिया। बात पुलिस तक पहुंची, पंचायत हुई पर बात नहीं बनी। बारात दरवाजे से बिन दुल्हन के लौट गई।
मामला कोतवाली उत्तर क्षेत्र के मोहल्ला कबीर नगर का है। यहां किराए के मकान में रह रहे व्यक्ति ने अपनी पुत्री की शादी थाना एका के गांव गहेरी निवासी युवक से की थी। रविवार रात को युवक बारात लेकर कबीर नगर पहुंचा। कन्या पक्ष ने बारात का स्वागत किया और विवाह की रस्म शुरू हो गई। घुड़चढ़ी के बाद जयमाला और कन्यादान का काम प्रारंभ हो गया।
जब लड़का और लड़की फेरे के लिए तैयार हुए तभी किसी ने कन्या पक्ष से कहा कि जिस लड़के के साथ शादी कर रहे हो वह आपके (लड़की पक्ष) कुल से नीचा है। अपने कुल से नीचे व्यक्ति के घर बेटी कैसे दे सकते हैं। यह सुनते ही कन्या पक्ष के लोगों ने वर पक्ष के लोगों से जानकारी की। इसी बात को लेकर कन्या पक्ष ने शादी करने से इंकार कर दिया।
पूरी रात पंचायत का दौर चलता रहा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस ने भी मामले से हाथ खींच लिए। इसके बाद बारात लौट गई। चौकी प्रभारी धीरेंद्र सिंह का कहना है कि दोनों पक्ष चौकी पर आए थे लेकिन लड़की पक्ष शादी को राजी नहीं हुआ। इस लिए रिश्ता टूट गया।
इसके बाद हाथों में मेहंदी सजाए साजन का इंतजार कर रही दुल्हन के लिए परिवारीजनों ने आनन-फानन में नया रिश्ता तलाशना शुरू कर दिया। दुल्हन की मौसी ने अपने रिश्ते के एक युवक को बुलाया और शादी तय करा दी। उधर लड़का पक्ष भी नई दुल्हन की तलाश की।