मैनपुरी। बाजार में छाए मंदी के बादल त्योहारी सीजन में छटने लगे हैं। कपड़ा बाजार भी सजकर तैयार हो गया है। नवरात्र और करवाचौथ पर पांच करोड़ से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। कपड़ा बाजार में ग्राहकों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
शहर के पांच सौ से अधिक दुकानदार कपड़ा व्यापार से जुड़े हुए हैं।
इसमें थोक और फुटकर विक्रेता शामिल हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान पहले बाजार बंद रहे तो वहीं बाद में भी सुरक्षा के लिहाज से भी ग्राहक दूरी बनाए रहे। कपड़ा व्यापारी एसोसिएशन के अनुसार इस बार जिले में पांच करोड़ रुपये की बिक्री की उम्मीद है। इसमें नवरात्र में लगभग तीन करोड़ और करवाचौथ पर दो करोड़ का अनुमान लगाया जा रहा है। कपड़ा व्यापारियों ने भी इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। दुकानों पर कपड़े का स्टॉक उपलब्ध है।
लहंगा साड़ी आ रही महिलाओं को पसंद
बाजार में कपड़े की कई वैरायटी मौजूद हैं। महिलाओं को इस बार भी लहंगा साड़ी पसंद आ रही है। कपड़ा व्यापारियों के अनुसार एक हजार रुपये से सात हजार रुपये तक की लहंगा साड़ी बिक्री के लिए उपलब्ध है। इसके साथ ही महिलाएं नेट और प्रिटिंग साड़ी भी पसंद कर रही हैं। जिनके घर में शादी समारोह हैं वह लहंगा खरीद रहे हैं।
व्यापारियों की बात
सभी बाजार मंदी की मार झेल रहे हैं। कपड़ा व्यापार भी इससे अछूता नहीं है। नवरात्र के त्योहार पर अच्छी बिक्री की उम्मीद है। इससे नुकसान की भरपाई तो नहीं होगी, लेकिन व्यापारियों को व्यवस्था पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।
सुकांत जैन, अध्यक्ष कपड़ा व्यापारी एसोसिएशन।
बाजार में अधिकांश दुकानदार किराए की दुकानें लिए हुए हैं। बीते कुछ महीनों में किराया भी जेब से देना पड़ा। अब त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ उम्मीद जगी है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
दर्पण जैन, कपड़ा व्यापारी।
इस बार रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और चैत्र नवरात्र पर बिक्री शून्य रही। इससे कपड़ा व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बार शारदीय नवरात्र और करवाचौथ पर अच्छी बिक्री होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे कुछ राहत मिलेगी।
गोपाल अग्रवाल, कपड़ा व्यापारी।
कपड़ा व्यवसाय में बहुत अधिक मुनाफा नहीं है। ऐसे में मुख्य रूप से सहालग और त्योहारों पर ही फायदा होता है। इस बार त्योहारों पर बिक्री शून्य रही, जिससे व्यापार ठप हो गया। अब एक बार फिर नवरात्र में बिक्री पर सब निर्भर करेगा।
अनूप कुमार, कपड़ा व्यापारी।