सोरों (कासगंज)। सिंचाई विभाग की एक अनदेखी श्रद्धालुओं की आस्था पर भारी पड़ती नजर आ रही है। गोरहा नहर में हजारा नहर के लिंक पर गेट का काम अभी पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण नहर में पानी नहीं है। जिसके चलते हरिपदी गंगा तक जल नहीं पहुंच पा रहा। क्योंकि हरिपदी कुंड में जल पहुंचने का सिर्फ एकमात्र साधन गोरहा नहर ही है।
प्रथम स्नान पर्व मार्गशीर्ष एकादशी 25 दिसंबर को है। इस स्नान पर्व को लेकर तीर्थनगरी सोरों सज गई है, लेकिन अभी तक पवित्र हरिपदी कुंड में नया जल नहीं पहुंचा है। ऐसे में स्नान पर्व के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की आस्था आहत होती नजर आ रही है। सिंचाई विभाग अभी भी स्पष्ट कर रहा है कि हाल फिलहाल नहर में पानी नहीं आ पाएगा।
इधर तीर्थनगरी में भगवान वराह के अवतरण व मोक्ष दिवसों पर हरिपदी में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का निरंतर आना जारी है। तीर्थनगरी के संत आश्रम व धर्मशालाएं श्रद्धालुओं से भरने लगी हैं। स्नान पर्वों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए दुकानदारों ने हरिपदी से लेकर बस स्टैंड तक के क्षेत्र में अपनी दुकानें सजा ली हैं। दुकानदार स्नान पर्व के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से अच्छी बिक्री की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
धार्मिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन
मार्गशीर्ष अमृत कुंभ के अवसर पर धर्मप्रेमियों द्वारा जगह-जगह धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाएगा। योगमार्ग स्थित स्वामी महेश दयानंद सोहम आश्रम में सुबह-शाम संत प्रवचन, भजन-कीर्तन व भंडारे के आयोजन शुरू हो गए हैं, जो अंतिम स्नान पर्व पूर्णिमा 30 दिसंबर तक आयोजित होंगे।
कछला रोड स्थित स्वामी अमृतानंद सोहम आश्रम में सुबह गीता प्रवचन, शाम को संतवाणी के कार्यक्रम के साथ साधु-संतों के लिए अन्न क्षेत्र खोला गया है। हरिपदी किनारे मानस मंदिर व भैरोनाथ मंदिर में समाजसेवी रामेश्वरदयाल महेरे व गिर्राज किशोर अग्रवाल सराफ द्वारा 25 से 30 दिसंबर तक संत महात्माओं के लिए भंडारे का आयोजन रखा गया है।
निजी संसाधनों से छोड़ रहे पानी
हरिपदी के कुंड में सिंचाई विभाग और पालिका जल पहुंचाने में नाकाम रहे हैं। ऐसे में पुरोहितों ने निजी संसाधनों से जल पहुंचाने का निर्णय लिया है। तीर्थपुरोहित रिंकू पचौरी ने बताया कि दो दिन तक निरंतर सबमर्सिबल एवं पंपसेट से पानी छोड़ेंगे। इसके अलावा व्यापारी नेता विसोक अग्रवाल, सुमित पचौरी, विष्णु चौधरी, शिवकुमार पटियात, राधाकृष्ण फरसेवार, संकल्प मिश्रा ने भी निजी संसाधनों से पानी छोड़ने की योजना बनाई है।
- गेट का निर्माण चल रहा है। इस कारण गोरहा नहर में पानी नहीं आ पाया है। जिससे हरिपदी के कुंड तक पानी नहीं पहुंच पाया है। हाल फिलहाल नहर में पानी नहीं आएगा। - अरूण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।