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कोरोना वायरस: बंगलूरू से आगरा पहुंची महिला की लापरवाही से हड़कंप, होगी कानूनी कार्रवाई

Sat, 14 Mar 2020 07:41 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

कोराना वायरस जिस तरह से पूरे देश में फैल रहा है, उससे लोग काफी दहशत में हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति की लापरवाही कितनी बड़ी मुसीबत पैदा कर सकती है यह बंगलूरू से आगरा तक देखने को मिल रहा है। 
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स्वास्थ्य विभाग की टीम - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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आगरा की रहने वाली एक महिला जो इटली में पति के साथ हनीमून मनाकर लौटी और उसे इस बात का पता चला कि उसके पति में कोरोना के लक्षण है तो वो भाग गई। उसने बंगलूरू से बिना बताए विमान से दिल्ली पहुंची और यहां से गतिमान एक्सप्रेस में बैठकर अपने घर आगरा पहुंच गई। 
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जब इस बात की जानकारी प्रशासन को हुई तो उनके हाथपांव फूल गए। जब वो महिला को लेने उसके घर पहुंचे तो परिवार ने झूठ बोल दिया कि वो घर पर नहीं है। लेकिन प्रशासन को उसके घर पर होने की जानकारी थी। अंत में पुलिस को बुलाकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उसके पिता के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

भर्ती कराने के लिए बुलानी पड़ी पुलिस 

इटली से हनीमून मनाकर लौटी आगरा की महिला को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ गया। महिला का पति बंगलूरू में कोरोना संक्रमित पाया गया था। इसका पता चलने पर वो बंगलूरू से आगरा आ गई। उसके परिजन स्वास्थ्य विभाग की टीम को गुमराह कर रहे थे। 

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की लैब में भेजे गए महिला के सैंपल की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दूसरा सैंपल लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) को भेजा गया है। 

अब गतिमान एक्सप्रेस की उस बोगी की होगी जांच

वो गतिमान एक्सप्रेस की जिस बोगी में बैठकर दिल्ली से नौ मार्च को आगरा आई थी उस बोगी में सवार रहे सभी यात्रियों की स्वस्थ्य विभाग को तलाश है। स्वास्थ्य विभाग ने बोगी में आये यात्रियों की सूची तैयार कर ली है। उसमें आए सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। 

शनिवार को कलेक्ट्रेट में कोरोना वायरस को लेकर शासन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश वत्स ने यह खुलासा किया। 

कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में प्रमुख सचिव ने आगरा कमिश्नर डीएम स्वास्थ्य विभाग एसएन मेडिकल कॉलेज समेत कई विभागों के अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस के संबंध में रोकथाम व बचाव इंतजामों की समीक्षा के लिए मैराथन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की।

संदिग्ध महिला के पिता के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई 

आगरा कैंट क्षेत्र की कोरोना संदिग्ध महिला के रेलवे में कार्यरत पिता के विरुद्ध डीएम आगरा पीएन सिंह ने डीआरएम रेलवे को विभागीय व कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। 

आरोप है कि पिता ने संदिग्ध रोगी की सूचना छिपा कर रखा। इसके साथ ही शुक्रवार को जब टीम संदिग्ध महिला की जांच के लिए उसके घर पहुंची तो परिवार ने सहयोग नहीं किया। इस मामले में महामारी एक्ट की धारा के तहत संदिग्ध महिला के पिता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होगी।

डीएम प्रभु नारायण सिंह ने बताया डीआरएम आगरा को उक्त रेलवे कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा जो भी लोग ऐसे मामलों में सूचना छिपाएंगे और स्वस्थ्य विभाग का सहयोग नहीं करेंगे उनके विरूद्ध एपीडिमिक एक्ट में आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

 

एक माह पहले हुई थी शादी

आगरा कैंट क्षेत्र में रहने वाले एक रेलवे कर्मचारी की बेटी का विवाह एक माह पहले कर्नाटक में नौकरी करने वाले युवक के साथ हुआ था। शादी के बाद दोनों हनीमून के लिए इटली गए थे। इटली से लौटने के बाद पति में कोरोना वायरस पाया गया था। 

इसके बाद उक्त महिला को भी आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था, लेकिन सैकड़ों लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालकर महिला बंगलूरू से अपने परिवार के पास आगरा आ गई। इसकी जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।

32 नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव

कोरोना वायरस की संदिग्ध मरीज के आठ परिजनों समेत 32 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनके घर को दोबारा सेनेटाइज कराया जा रहा है। इसके बाद इनको डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। शनिवार को कोरोना की आशंका पर 30 और लोगों के नमूने लिए गए।

संदिग्ध मरीज के आठ परिजनों समेत 32 के नमूने लेकर किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) लखनऊ में जांच के लिए भेजे थे। शनिवार दोपहर को इनकी रिपोर्ट आई, जिसमें किसी में भी कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई। 
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संदिग्ध मरीज की हालत स्थिर

एसएन मेडिकल कॉलेज में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संदिग्ध महिला मरीज की हालत स्थिर बनी हुई है। इनसे किसी से भी मिलने पर प्रतिबंध कर दिया है। सेफ जोन बनाकर पुलिस भी तैनात कर दी है।

संदिग्ध मरीज को शुक्रवार को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। इमरजेंसी की दूसरी मंजिल पर बने आइसोलेशन वार्ड के लिए सेफ जोन बनाया है। यहां से आगे किसी को भी पुलिस नहीं जाने दे रही।

चिकित्सकीय टीम के अलावा सभी का प्रवेश प्रतिबंध कर दिया है। चिकित्सकों ने बताया कि मरीज चिकित्सकीय निगरानी में हैं और हालत ठीक है। इनकी पुणे से कन्फर्म रिपोर्ट आने के बाद दिल्ली रेफर करने पर निर्णय लिया जाएगा।
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