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ट्यूटर बहनों की अय्याशी देख हर कोई था हैरान, हुस्न के जाल में फंसे कई छात्र

Wed, 23 Aug 2017 08:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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देखते ही देखते उन्होंने कार भी खरीद ली - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में कचहरी घाट क्षेत्र के कोचिंग सेंटर पर सिर्फ एक छात्र के साथ यौन शोषण नहीं किया गया। पीड़ित छात्र का कहना है कि ऐसे और भी कई छात्र हैं। इन सभी के भी वीडियो बना लिए गए हैं। ये सभी इस डर से चुप हैं कि ये वीडियो उनके माता-पिता तक न पहुंच जाएं। 
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पुलिस का कहना है कि दोनों बहनों के मोबाइल फोन बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। इनमें ही वे तमाम वीडियो और फोटो हैं। अगर उन्होंने डिलीट भी कर दिए तो फोरेंसिक जांच से रिकवर करा लिए जाएंगे।

पुलिस को कोचिंग सेंटर के आसपास के लोगों ने भी बताया है कि यहां कुछ भी चोरी छिपे नहीं, खुल्लम खुल्ला हो रहा था। उन्हें कोई डर ही नहीं रहा था। हुक्का बार चल रहा था। दोनों बहनें छत पर सिगरेट पीती थीं। छात्रों से ही पास के ठेके से शराब की बोतलें मंगाई जाती थीं।
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परिवार का रहन-सहन हो रहा था शाही

हर कोई यह देखकर चौंक रहा था जिनके पास साइकिल तक टूटी फूटी थी, वे अचानक चमचमाती बाइक और स्कूटी पर कैसे चलने लगे। देखते ही देखते उन्होंने कार भी खरीद ली। कोचिंग सेंटर कोई नामी नहीं है। इसमें 30-40 बच्चे ही पढ़ने के लिए आते हैं। लेकिन परिवार का रहन सहन शाही होता जा रहा था। घर में कालीन बिछ गए। पहले पानी के कैंपर खरीदते थे, अब आरओ ही नहीं, वाटर कूलर भी लग चुका था।

रोजाना बर्गर-पिज्जा

पड़ोसियों से बर्फ मांगना छूट गया, अब तो घर में डबल गेट का फ्रिज आ गया। डेढ़-दो हजार के फोन फेंक दिए गए, एप्पल के 50 से 80 हजार कीमत के आईफोन ले लिए। जिस युवती की शादी में भी कपड़े छत्ता के छोटे से बाजार से खरीदे गए, वह अब शॉपिंग के लिए सदर में जा रही थी। पहले समोसे और टिक्की भी कभी कभी खाते थे, अब रोजाना बर्गर और पिज्जा आने लगा।

जन्मदिन पर मंगाए थे हुक्के

जेल जाने से पूर्व लेडी ट्यूटर के भाई ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके घर जो हुक्के मिले हैं, वह उसने ही अपने जन्म दिन पर मंगाए थे। वह कुछ नया करना चाहते थे, इसलिए छात्रों को हुक्के पिलाए। इनमें तंबाकू नहीं डाला गया था। 

उसने कहा कि, मैंने और मेरी बहनों ने कुछ गलत नहीं किया है, बस पढ़ाने का काम थोड़ा इंजाय करके कर रहे थे, बर्थ डे चाहें मेरा हो या मेरी बहन या फिर किसी छात्र का, पार्टी जरूर होती थी। एफआईआर के सवाल पर उसका कहना था कि वह छात्र पढ़ने में कमजोर था, उसे डांट दिया था, इसलिए केस दर्ज करा दिया।
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मुंह छिपाया, नाम गलत बताया

ट्यूटर को जब कोर्ट ले जाया जा रहा था, तब हरीपर्वत थाना पर उससे मीडियाकर्मियों ने पूछा कि वह किस मामले में यहां आया है, तो उसने झूठ बोला। उसने कहा कि वह मारपीट के केस में आया है। उसने अपना नाम भी गलत बताया। 

उसने अपना मुंह हाथ से छिपा लिया। पुलिस से जानकारी मिलने पर उससे पूछा गया कि यह कार करा से आई? तो बोला, यह पता नहीं कहां से आ गई। जेल जाते समय मीडियाकर्मियों से बोला, मेरी पत्नी को मत बताना कि मैं जेल चला गया हूं।
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