आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा में टिकट के लिए दावेदारों की लाइन लगने लगी है। व्यापारी नेता, समाजसेवी, संगठन के पदाधिकारी लाइन में हैं। अभी तक 10 से ज्यादा नाम सामने आ चुके हैं। सांसद रामशंकर कठेरिया के करीबी लोग भी टिकट मांग रहे हैं।
संगठन में प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी जोर लगा रहे हैं। इस सीट से हमेशा वैश्य विधायक चुना जाता रहा है। इस कारण माना जा रहा है कि इस बार भी भाजपा वैश्य को ही टिकट देगी। तीन चार दिन के भीतर ही टिकट तय हो सकता है।
उधर, कांग्रेस में भी टिकट की दौ़ड़ शुरू हो गई है। वैश्य बहुल इस सीट पर वैश्य नेताओं ने दावेदारी के लिए लखनऊ की तक दौड़भाग शुरू कर दी है। अभी तक आठ लोगों ने दावा ठोंका है। जल्द ही उम्मीदवार की घोषणा कर दी जाएगी।
22 अप्रैल से नामांकन
उत्तर विधानसभा के लिए 22 अप्रैल से नामांकन दाखिल होना शुरू हो जाएंगे। शहर के इस महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का उम्मीदवार लंबे समय से चुनाव नहीं जीत सका है। पार्टी पूर्व में इस सीट से वैश्य उम्मीदवारों को टिकट दे चुकी है। पिछले 25 साल से सीट पर भाजपा का कब्जा रहा।
विधायक जगन प्रसाद गर्ग के निधन से रिक्त हुई इस सीट पर अब प्रतिष्ठा का चुनाव होना है। टिकट के लिए कई नेताओं ने तो लखनऊ और दिल्ली में भी दस्तक दे दी है, लेकिन अभी तक पार्टी ने भी किसी नाम पर विचार नहीं किया है।
रविवार को पार्टी के पर्यवेक्षक रोहित चौधरी और किशन मुद्गल उत्तर विधानसभा सीट के चुनाव को लेकर जिला और शहर कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें दावेदारों के नाम पर विचार किया जाएगा।
आगरा उत्तर विधानसभा सीट के लिए 19 मई को मतदान होगा। इसके लिए 22 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। मतदान के लिए विधानसभा क्षेत्र में 438 बूथों बनाए जाएंगे। 4,09,346 मतदाता वोट डालेंगे। इसमें 2,23,135 पुरुष और 1,86,187 महिला मतदाता हैं।