मैनपुरी। मनरेगा कार्यों में कई जगह धांधली सामने आने के बाद अब इस पर शिकंजा कस दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने सोशल ऑडिट टीमों को प्रतिदिन मनरेगा कार्यों का सत्यापन कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। इससे रोजगार सेवकों और प्रधानों की नींद उड़ गई है।
जिले की 552 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कच्चे कार्य कराए जाते हैं। इनमें मजदूर अधिक दिखाकर फर्जीवाड़ा किया जाता है। कहीं एक ही काम को दो बार भी दिखाया जाता है। पूर्व में ही शिकायतों के साथ ही हाल ही में सीडीओ के निरीक्षण में भी ये मामले सामने आ चुके हैं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने शिकंजा कस दिया है। उन्होंने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को मनरेगा कार्यों का सत्यापन करने के आदेश दिए हैं। साथ ही प्रतिदिन सोशल ऑडिट टीमें भी गांवों में जाकर कार्य का सत्यापन करके रिपोर्ट देंगी।
इसलिए होती है गड़बड़ी
मनरेगा के तहत सभी कच्चे कार्य कराए जाते हैं। इसमें चकरोड निर्माण, नाली खोदाई, पटरी सफाई आदि कार्य शामिल हैं। ऐसे में इनमें श्रमिकों का आंकलन करना मुश्किल होता है। इसी का फायदा उठाकर रोजगार सेवक और प्रधान गड़बड़ी करते हैं। अगर तत्काल कार्य का सत्यापन नहीं होता है तो कच्चा कार्य होने के चलते उसके भी खराब होने की बात कह दी जाती है।
मनरेगा कार्यों में कोई गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ ही सोशल ऑडिट टीमों को प्रतिदिन सत्यापन के आदेश दिए गए हैं। अगर कहीं गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई की जएगी। ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।