मैनपुरी। ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों में मनरेगा से शृमांश का भुगतान न करने पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। लापरवाही पर जिले की सभी 552 ग्राम पंचायतों के प्रधान और सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें जल्द से जल्द शृमांश का भुगतान मनरेगा से करने के आदेश दिए हैं।
जिले में कुल 552 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें हर साल करोड़ों रुपये से विकास कार्य कराए जाते हैं। शासन के आदेश हैं कि अन्य कार्यों में जो भी शृमांश हो उसका भुगतान मनरेगा से आईडी जनरेट कर कराया जाए, लेकिन लगातार ग्राम पंचायत उल्लंघन कर रही हैं। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में प्रधान और सचिव शृमांश का भुगतान भी ग्राम पंचायतों के खाते से ही कर रहे हैं। ऐसे में एक ओर जहां जिला मनरेगा की प्रगति में पिछड़ रहा है तो वहीं ग्राम पंचायत के खातों पर भी अधिक बोझ पड़ रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए अब सभी ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी कर किए हैं।
संबंधित खंड विकास अधिकारियों ने अपने-अपने ब्लाक की ग्राम पंचायतों के प्रधान और सचिव को नोटिस जारी किया है। इसमें उन्हें तत्काल दो दिन में दस-दस प्राक्कलन तैयार कर मनरेगा के तहत मस्टरोल जारी करने के साथ ही काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
कार्रवाई के साथ ही खातों पर लगेगी रोक
ग्राम प्रधान और सचिवों को भेजे गए नोटिस में कार्रवाई के लिए भी चेतावनी दी गई है। साफ कहा गया है कि अगर जल्द से जल्द वर्क आईडी जनरेट कर मनरेगा से शृमांश का भुगतान नहीं किया तो सचिव पर विभागीय कार्रवाई करने के साथ ही ग्राम पंचायत के खातों पर रोक लगा दी जाएगी।
हाईलाइटर्स
-09 हैं जिले में ब्लाकों की संख्या
-80 हैं जिले में न्याय पंचायतें
-552 है ग्राम पंचायतों की संख्या
-812 है कुल राजस्व गांवों की संख्या
ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों में शृमांश का भुगतान मनरेगा से वर्क आईडी जनरेट कर किया जाना चाहिए। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई तय है।
नगेंद्र शर्मा, सीडीओ।