100 करोड़ की तेल चोरी के मुख्य आरोपी मनोज गोयल
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आगरा विकास प्राधिकरण ने तेल माफिया मनोज गोयल के सात पेट्रोल पंपों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक हाल में मनोज गोयल के सात पेट्रोल पंपों को सील किया गया है। अब आगे की प्रक्रिया के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मानचित्रों के संबंध में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए तो ध्वस्तीकरण आदेश जारी कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 100 करोड़ रुपये की तेल चोरी के मामले में फंसे मनोज गोयल के आगरा में स्थित सात पेट्रोल पंपों को सील कर दिया था। इनमें पांच पेट्रोल पंपों के मानचित्र स्वीकृत नहीं थे और दो पंपों की पत्रावली विकास प्राधिकरण में अभी तक नहीं मिल पाई हैं। इसके चलते हाल ही में विकास प्राधिकरण ने सातों पेट्रोल पंपों पर सील लगा दी। सीलिंग की कार्रवाई के बाद विकास प्राधिकरण को 30 दिन के अंदर ध्वस्तीकरण के लिए सुनवाई प्रारंभ करनी होगी। इसके चलते एडीए प्रवर्तन विभाग ने ध्वस्तीकरण के संबंध में नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। विकास प्राधिकरण के सचिव राजकुमार ने बताया कि नोटिस जारी करने के बाद उप सचिव के स्तर पर सुनवाई की प्रक्रिया चलेगी। यदि मनोज गोयल की ओर से पेट्रोल पंपों के मानचित्र के संबंध में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया तो ध्वस्तीकरण आदेश जारी कर दिया जाएगा।
दो पंपों की पत्रावली कहां गायब हुई
मनोज गोयल के दो पेट्रोल पंपों के मानचित्र से जुड़ी पत्रावली विकास प्राधिकरण से गायब हैं। अधिकारियों ने जब पत्रावलियों की जांच प्रारंभ करने के लिए फाइल निकलवाना चाहा तो फाइलों को भी पता नहीं लगा। अंदेशा है कि दो पंपों के मानचित्रों में कोई कमी रही होगी, इसके चलते फाइल गायब हैं। सचिव का कहना है कि मानचित्र उपलब्ध कराए जाते हैं तो उनका परीक्षण कराने को संबंधित विभागों की एनओसी का परीक्षण किया जाएगा।