आगरा। मंडी परिषद की परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए भर्ती किए गए पूर्व सैन्यकर्मी (गार्ड) का निजी रसूख के लिए दुरुपयोग करना मंडी सचिव अजय प्रताप सिंह को भारी पड़ गया। इस मामले में मंगलवार को कृषि, उद्यान एवं विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने मंडी सचिव को तत्काल निलंबित करने और प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
मंडलायुक्त सभागार में आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह मुख्य अतिथि थे। दोपहर करीब 12 बजे मंडी सचिव अजय प्रताप सिंह निजी गार्ड कपूरी लाल के साथ बैठक में पहुंचे। गार्ड के कंधे पर बंदूक देख मंत्री भड़क गए। उन्होंने सचिव से सवाल किया, क्या सरकार ने आपको व्यक्तिगत गार्ड मुहैया कराया है? यदि नहीं, तो आप इसे साथ लेकर क्यों घूम रहे हैं। मंत्री ने सार्वजनिक रूप से सचिव को फटकार लगाई और उनके निलंबन और पुलिस कार्रवाई के आदेश दिए। साथ ही, गार्ड को तत्काल मंडी की सुरक्षा में तैनात करने को कहा।
मंत्री के कार्रवाई के आदेश के बावजूद मंडी सचिव अजय प्रताप सिंह के तेवर कम नहीं हुए। इस संबंध में जब उनसे बात की गई तो विवादित बयान देते हुए कहा कि सचिव के साथ गार्ड पहले से ही तैनात था। मुझे यहां आए डेढ़ साल हो चुके हैं। मंत्री के आदेश से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मंडी निदेशक मेरे मित्र हैं। निलंबन के तीन दिन बाद मैं फिर से बहाल हो जाऊंगा।