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आठ दिन में नहीं खुला धान क्रय केंद्रों पर खाता

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08एमएनपी-17-नवीन मंडी में धान की तौल करते मजदूर - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। धान क्रय केंद्रों पर आठ दिन बाद भी खाता नहीं खुल सका। जिले के 15 क्रय केंद्रों पर अब तक धान का एक भी दाना नहीं खरीदा जा सका है। यहां पर किसान अपनी फसल लेकर नहीं पहुंच रहेे। ये हाल तब है जब नवीन मंडी में किसानों को धान बिक्री करने के लिए जगह नहीं मिल रही है।
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नवीन मंडी में बृहस्पतिवार को पूरे परिसर में धान के सैकड़ों ढेर लगे हुए थे। किसान धान की बिक्री करने के लिए इंतजार कर रहे थे। हाल ये था कि कई ट्रैक्टर धान से लदे हुए खड़े थे, क्यों कि मंडी में पक्के चबूतरों पर धान उतराने के लिए स्थान नहीं था। जबकि नवीन मंडी में ही स्थित सरकारी धान क्रय केंद्रों के उलट थी। यहां दोनों केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। केंद्र पर मौजूद कर्मचारी किसानों के आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कोई भी किसान दिनभर धान लेकर नहीं पहुंचा। यही हाल जिले के सभी 15 धान क्रय केंद्रों पर है।
एक अक्तूबर से जिले के 15 क्रय केंद्र शुरू हो गए थे। खरीद शुरू हुए अब आठ दिन का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कहीं भी एक किलो धान नहीं खरीदा जा सका। इससे साफ है कि कहीं न कहीं किसानों ने धान क्रय केंद्रों से दूरी बनाई हुई है। वहीं धान बिक्री के लिए होने वाले पंजीकरण की अगर बात करें तो जिले भर में कुल 283 किसानों ने ही अपना पंजीकरण कराया है।
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बाजार से अधिक है समर्थन मूल्य
धान क्रय केंद्रों पर किसान को 1868 रुपये प्रति क्विंटल सामान्य धान और ए ग्रेड धान के लिए 1888 रुपये प्रति क्विंटल कीमत दी जा रही है। जबकि नवीन मंडी में अधिकतम 1600 रुपये प्रति क्विंटल में धान की बिक्री हो रही है। इसके बाद भी किसान यहां नहीं पहुंच रहे हैं।
नियम अटका रहे रोड़ा
किसानों द्वारा क्रय केंद्र पर धान की बिक्री करने में नियमों का रोड़ा अटक रहा है। एक ओर जहां पतले धान की खरीद नहीं होती है तो वहीं दूसरी और धान में नमी 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। काफी सुखाने के बाद भी ये नमी 17 प्रतिशत से कम नहीं होती है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त, बदरंग या अधिक विजीतीय तत्व होने पर भी धान की खरीद नहीं की जाती है।
हाईलाइट्र्स
-65 हजार हेक्टेयर है धान का कुल क्षेत्रफल
-01 लाख किसान करते हैं धान की खेती
-15 सरकारी क्रय केंद्रों पर होगी धान की खरीद
-283 किसानों ने ही अब तक कराया है पंजीकरण
-07 दिन बाद भी शून्य है धान की खरीद
किसानों की बात
धान क्रय केंद्रों पर धान बेचना किसानों के लिए बहुत मुश्किल का काम है। केंद्र प्रभारी नमी अधिक होने की बात कहकर हमेशा ही धान लौटा देते हैं। फिर मंडी में भी किसानों का धान नहीं बिकता है।
मुरारीलाल, भांवत।
चाहे कितना भी धान सुखाया जाए, लेकिन फिर भी क्रय केंद्र पर उसमें नमी होने की बात कही जाती है। जबकि मंडी में कटाई के अगले दिन ही धान बिक जाता है। इसीलिए किसान मंडी में बिक्री करते हैं।
दिनेश चंद, बेरी।
सरकार को किसानों को राहत देनी चाहिए। अब तक केवल मोटा धान ही क्रय केंद्र पर खरीदा जाता है। अधिक समर्थन मूल्य पर पतले धान की भी खरीद सरकार को क्रय केंद्र पर शुरू करानी चाहिए।
छोटे गुप्ता, दौलताबाद।
क्रय केंद्रों पर किसानों की एक नहीं सुनी जाती है। कर्मचारी अपनी मनमानी कर धान खराब होने की बात कह देते हैं। फिर किसान को दोगुनी मजदूरी खर्च कर धान निजी आढ़तियों के पास ले जाना पड़ता है।
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अमरसिंह, दीनापुर।
सभी 15 धान क्रय केंद्रों पर कर्मचारी मौजूद हैं। किसानों को भी धान की बिक्री के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जल्द ही धान खरीद शुरू होने की उम्मीद है।
उदित नारायन सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।
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