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ताजमहलः प्रशांत भूषण और कश्मीरी विधायक पर कालिख फेंक चुका है दीपक शर्मा

Tue, 24 Oct 2017 08:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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दीपक शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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हिंदू युवा वा‌हिनी के सदस्यों के साथ ताजमहल में शिव चालीसा का पाठ करने वाला राष्ट्र स्वाभिमान दल का संस्थापक दीपक शर्मा पहले भी चर्चाओं में आ चुका है। उसने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण के मुंह पर स्याही फेंकी थी। कश्मीर के विधायक के मुंह पर कालिख पोतने में भी वह शामिल रहा था। 
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बता दें कि जम्मू-कश्मीर के विधायक राशिद इंजीनियर के बीफ खाने के एलान के बाद दीपक शर्मा ने उनके मुंह पर कालिख पोत दी थी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण के कश्मीर में जनमत संग्रह कराने के बयान पर भी उसने ऐसी ही प्रतिक्रिया दी। उसने प्रशांत भूषण के मुंह पर स्याही फेंक दी थी।   

सोमवार को ताजमहल में शिव चालीसा पाठ के लिए वह एक सप्ताह पहले ही दिल्ली से आया था। अलीगढ़, हाथरस के साथियों को लेकर वह पूरी प्लानिंग के साथ ताज पहुंचा। यहां पूर्व निर्धारित तरीके से पाठ करने के साथ इसका वीडियो रिकार्ड किया।
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सावन के सोमवार को ताज की महाआरती

ताज महल - फोटो : SELF
ताजमहल को तेजोमहालय मानते हुए शिवसेना और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता सावन के सोमवार को ताज की महाआरती करते रहे हैं। दशहरा घाट, महताब बाग, हेरिटेज कारीडोर से सावन के चारों सोमवार को दोनों संगठनों ने कई बार आरती कर विवाद को बढ़ाया। एक बार ताज के अंदर आरती करने को लेकर शिवसैनिकों को रोका भी गया था।

सोमवार को हुए मामले में एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम का कहना है कि ताजमहल में परंपरागत रिवाजों को छोड़कर कोई धार्मिक कार्य नहीं हो सकता। इसलिए उन्हें रोका गया। एएसआई एक्ट में ऐसे कृत्य रोकने का प्रावधान है, लेकिन कार्रवाई और दंड का प्रावधान नहीं है। इस मामले में हम सीआईएसएफ से रिपोर्ट मांग रहे हैं।
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तेजोमहालय पर कोर्ट में दाखिल है याचिका

आगरा की स्थानीय अदालत में ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए अधिवक्ताओं ने याचिका दायर कर रखी है। मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने जवाब दाखिल कर कहा है कि ताज मकबरा है। पूर्व में संसद में केंद्रीय संस्कृति मंत्री और पर्यटन मंत्री ताजमहल को राष्ट्र धरोहर बता कर विवाद से पल्ला झाड़ चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसी ही एक याचिका को खारिज कर दिया था।
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