घर में घुसकर तमंचे के बल पर डकैती डालने के मामले में अदालत ने फिराेजाबाद के थाना टूंडला क्षेत्र में अनवारा निवासी सतीश बघेल को दोषी माना। एडीजे-8 रविकांत ने उसे आठ साल कठोर कारावास और 4000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अन्य 8 आरोपियों की पत्रावली अदालत में विचाराधीन है।
थाना एत्मादपुर में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, गांव मितावली निवासी किसान श्यामबाबू ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि 23 अगस्त, 2018 की रात दीवार पर सीढ़ी लगाकर तीन बदमाश घर के अंदर आ गए। दो छत पर खड़े थे। बदमाशों ने उनकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया। इसके बाद कमरे में गए। वहां उनकी बेटी स्नेह सो रही थी। उस पर भी तमंचा तान दिया। कमरे में रखी संदूक से नकद और लाखों के गहने निकाल लिए। जाते समय उन्हें रस्सी से बांध दिया। कुछ भी बोलने पर बेटी को जाने से मारने की धमकी देकर भाग गए।
इस घटना से पहले उनके भाई के घर की दीवार तोड़ी गई थी, वहां भूसा था। पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी सतीश, भीमा उर्फ भीमसेन, शीलेश, छोटू उर्फ रामचंद्र, बारेलाल, शांति देवी, विनिता, रामबरन और बबलू को हिरासत में लिया। अदालत में पेश कर जेल भेजा गया। विवेचक ने 29 नवंबर, 2018 को अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत किया था।
थाना प्रभारी हटाया, दरोगा व मुंशी किए थे निलंबित
किसान श्यामबाबू के घर डकैती होने के बाद भी थाना एत्मादपुर के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक फतेह बहादुर सिंह, हल्का इंचार्ज दरोगा विजय सिंह और मुंशी कमल सिंह ने घटना को छिपाने की कोशिश की। इस पर तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक ने मौके पर पहुंचकर लापरवाही करने के आरोप में प्रभारी को लाइन हाजिर और दरोगा व मुंशी को निलंबित किया था।