मम्मी-पापा मुझे माफ करना। मैं घर छोड़कर जा रहा हूं। अहमदाबाद जा-जाकर थक चुका हूं। अब मुझ में इतनी ताकत नहीं है, मैं आगे केस लड़ सकूं...। ट्रांस यमुना निवासी रवि राठाैर ने यह पत्र अपने मम्मी-पापा को लिखा है। उसके खिलाफ पत्नी ने 4 साल पहले दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। तारीख से लाैटने के बाद वह मोबाइल रखकर लापता हो गया। तब से परिजन बेटे की सलामती के लिए पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं।
महावीर नगर, ट्रांस यमुना काॅलोनी निवासी महेश बाबू ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। वहीं खोका में घरेलू सामान की बिक्री करते हैं। बेटा रवि प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है। उसकी शादी वर्ष 2016 में अहमदाबाद (गुजरात) में हुई थी। दो बेटियां हैं। वर्ष 2021 में बहू मायके चली गई। इसके बाद वापस नहीं आई।
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एक दिन पता चला कि उसने दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। इसमें पति सहित ननद, सास और ससुर को भी नामजद कर दिया। अब कोर्ट में केस विचाराधीन है। तब से पूरा परिवार तारीख करने में लगा हुआ है। महेश ने बताया कि रवि 8 अक्तूबर को अहमदाबाद में तारीख करने गया था। दूसरे दिन वापस आया। चाय पीने के बाद मोबाइल रखकर चला गया। तब से उसका कोई पता नहीं है। घर में बेड पर एक कागज पर उसने अपने कहीं जाने के बारे में लिखा है। उधर, डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है। लापता युवक की तलाश में टीम लगी है।
मुझे कुछ होने पर घरवाली और सास जिम्मेदार
रवि ने अपने पत्र में मम्मी-पापा को लिखा है कि अगर मुझे कुछ भी होता है तो उसके जिम्मेदार मेरी घरवाली और उसकी मम्मी होंगी। पापा-मम्मी मुझे माफ करना। आपका बेटा रवि। अगर मुझे कुछ भी हो जाए तो इन दोनों को मत छोड़ना...।