थाना सदर के रोहता स्थित बमरौली रोड पर शुक्रवार दोपहर को किराये के मकान में रह रहे बिल्डिंग ठेकेदार ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली। घटना के समय घर में ठेकेदार के पांच दोस्त भी मौजूद थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की है। हालांकि पुलिस अभी जांच कर रही है।
गांव जौनई, सैंया निवासी नवल सिंह सोलंकी (33) पुत्र निरंजन सिंह भवन निर्माण का ठेका लेते थे। वह छह महीने से बमरौली रोड, रोहता में राजकुमार नागर के मकान में किराये पर रह रहे थे। उनका छोटा भाई पवन भी आता था। मगर, रात में गांव चला जाता था।
इंस्पेक्टर थाना सदर ने बताया कि नवल सिंह ने शुक्रवार दोपहर को अपने दोस्त संतोष (निवासी डिफेंस कालोनी), सुनील शर्मा (निवासी जखौदा), आशू जाट (निवासी द्वारिका कालोनी) और दो अन्य मित्र को अपने पास बुलाया।
उसका भाई पवन भी घर से खाना लेकर आया था। दोस्त संतोष ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि नवल गुरुवार रात को ग्वालियर रोड स्थित एक इलेक्ट्रानिक की दुकान से कूलर लेने गया था। तब दुकानदार से उसका विवाद हो गया था। उसने नवल सिंह के थप्पड़ मार दिए। इससे नवल सिंह परेशान था। उसने बताया था। वह बदला लेना चाहता था। मगर, दोस्तों ने समझाया कि पुलिस से शिकायत करे।
दोपहर डेढ़ बजे पवन सिंह और संतोष घर के बाहर बाइक में पेट्रोल डलवाने चले गए। वहीं नवल सिंह अपनी मां रतन देवी से फोन पर बात कर रहा था। मां ने भी उसे समझाया।
अचानक नवल ने तमंचा निकाल लिया। जब तक दोस्त कुछ समझ पाते, तब तक उसने सिर में गोली मार ली। इससे नवल सिंह की मौत हो गई। यह देखकर दोस्त भाग गए।
पवन और संतोष ने पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट से जांच कराई। घटनास्थल से तमंचा बरामद किया गया। इंस्पेक्टर थाना सदर ने बताया कि दोस्तों से पूछताछ में मामला आत्महत्या का निकला है। घटना के समय मृतक का भाई भी घर के बाहर मौजूद था। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। तमंचा, टूटा मोबाइल, रुपये आदि सामान बरामद किया गया है।
मृतक के फुफेरे भाई भीमसेन चाहर ने पुलिस को बताया कि नवल सिंह सोलंकी की शादी नौ साल पहले हुई थी। मगर, तीन साल पहले पत्नी से विवाद हो गया। इस कारण वह मायके में रह रही है।
नवल सिंह के एक बेटा और एक बेटी है। वह गांव में रहते हैं। उसके पिता किसान हैं। बेटे की मौत की जानकारी पर मां की तबीयत बिगड़ गई। नवल सिंह का छह महीने से काम बंद है।