ताजमहल के सामने फहराया मलेशिया का झंडा
- फोटो : Amar Ujala
ताजमहल की सुरक्षा में फिर से चूक का मामला सामने आया है। इस बार मलेयशियाई पर्यटक अपने साथ बैग में छिपाकर अपना राष्ट्रीय ध्वज ताजमहल के अंदर ले गए। ताज के सेंट्रल टैंक के पास उन्होंने फोटोग्राफी के दौरान बैग में से ध्वज निकालकर लहरा दिया, जिस पर सेंट्रल टैंक पर तैनात सीआईएसएफ की क्विक रिस्पांस टीम ने पर्यटकों से तुरंत झंडे को लेकर अपने कब्जे में लिया और पर्यटकों को ऑफिस लेकर पहुंचे, जहां पूछताछ के बाद उनसे माफीनामा लिखवा कर ले लिया गया।
बृहस्पतिवार को सुबह 9 बजे मलयेशिया के पर्यटकों का एक दल ताजमहल पहुंचा, जिसमें 10 महिलाएं थीं। उन्होंने ताजमहल में फोटोग्राफी कराई और वीडियो बनाया। सेंट्रल टैंक पहुंचते ही उन्होंने मलयेशिया का झंडा बैग से निकाला और लहराकर फोटो खिंचवाए। वीडियो बनते देख सीआईएसएफ जवानों ने पर्यटकों को रोका और उनसे झंडा लहराकर फोटोग्राफी की वजह पूछी, जिस पर पर्यटकों ने बताया कि उन्हें झंडा अंदर ले जाने की जानकारी नहीं थी। पर्यटकों से माफीनामा लिखवाकर ले लिया गया है।
एएसआई ने मांगी रिपोर्ट
ताजमहल परिसर में झंडा लहराने के वीडियो के वायरल होने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने सीआईएसएफ से रिपोर्ट मांगी है। ताजमहल के अंदर किसी भी ध्वज को लहराने समेत किसी भी ब्रांड का प्रचार-प्रसार प्रतिबंधित है।