बरसात के मौसम में मच्छर का डंक लोगों को मलेरिया की बीमारी दे रहा है। आगरा में पिछले पांच दिन में सात नए मरीज मिले हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को अलर्ट किया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर से 14,785 संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर जांच कराई। 14 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दस, एसएन मेडिकल कॉलेज से तीन और जिला अस्पताल से दो मरीज हैं। इनमें से सात नए मरीज पिछले पांच दिनों में आए हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी आरके दीक्षित ने बताया कि मादा एनाफिलीज मच्छर से मलेरिया पनपता है। यह सुबह-शाम ज्यादा हमला करता है। साफ और ठहरे पानी में यह मच्छर पनपता है। अभी डेंगू के मरीज नहीं मिले हैं। एक मरीज फरवरी में मिला था।
17 घरों में मिला लारवा
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सरकारी अस्पताल समेत 45 घरों का निरीक्षण किया। 17 के यहां लारवा पाया गया। एसएन मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल, लेडी लॉयल, जिला अस्पताल, आवास विकास कॉलोनी, शाहगंज, यमुनापार के घरों में लारवा पाया गया।
ग्राम प्रधानों से फॉगिंग कराने की मांग
संचारी रोगों से बचने के लिए ग्राम पंचायत को 10-10 हजार रुपये दिए जाते हैं। इससे गांवों में साफ-सफाई, दवा का छिड़काव आदि कार्य किए जाते हैं। कई ग्राम प्रधान इस राशि का इन कार्यों में खर्च नहीं कर रहा हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखकर ग्राम प्रधानों पर सख्ती करने की मांग की है।
बरतें ये सावधानी
- आसपास जलभराव न होने दें, पानी भरा है तो उसमें मिट्टी का तेल छिड़क दें।
- मच्छरदानी का उपयोग करें, सोने से दो घंटे पहले कमरे में कीटनाशक का छिड़काव करें।
- कूलर का पानी एक दिन छोड़कर साफ करें, ऐसा न करें तो उसमें भी मिट्टी का तेल छिड़कें।
- फुल बाजू के कपड़े पहनकर सोएं, बच्चों को फुल बाजू की ड्रेस पहनाकर स्कूल भेजें।