भारत के 70 फीसदी युवा हुनरमंद हों जाएं तो वह देश ही ताकत बन सकते हैं। अमेरिका में 5.50 प्रतिशत, जर्मनी में सात फीसदी और जापान में 11 फीसदी युवा विज्ञान, तकनीकी, आर्किटेक्चर जैसे क्षेत्र में देश की ताकत बने हैं। भारत में यह प्रतिशत महज 0.35 है। उन्हाेंने कहा कि मेक इन इंडिया मिशन से देश की प्रतिभाओं को पलायन रुकेगा। युवाओं को यह सीख हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने दी। वे रविवार को बिचपुरी स्थित आरबीएस इंजीनियरिंग एंड टेक्निकल कैंपस में फार्मेसी संकाय और आर्किटेक्चर एवं टाउन प्लानिंग संकाय का उद्घाटन करने आगरा आए थे।
पूर्वाह्न 11 बजे कैंपस पहुंचे राज्यपाल ने कालेज के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि न्यायाधीश, इंजीनियर, वैज्ञानिक, राजनेता, उच्चाधिकारी सहित ऐसी तमाम विभूतियां आरबीएस कालेज की देन हैं। कालेज की गौरवगाथा सुनकर राज्यपाल ने कालेज संस्थापक राजा बलवंत सिंह को नमन कर उनके वंशजों के प्रयासों को भी सराहा। कहा कि ऐसे कालेज को विश्वविद्यालय बनाना चाहिए। इससे कालेज देश के नवनिर्माण में सहयोगी बन प्रतिभाएं तैयार करे। उन्होंने छात्रों को संबोधित किया। कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ, समर्थ, शोषणमुक्त संप्रदाय निरपेक्ष, सहिष्णु, भारत के सपने को ईमानदार युवा ही पूरा कर सकते हैं। विशिष्ट अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव लोचन मेहरोत्रा ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में लड़कियाें की भागीदारी से साफ है कि देश का भविष्य उज्ज्वल है। कार्यक्रम में बलवंत एजूकेशन सोसाइटी के संयुक्त सचिव अंबरीश पाल सिंह, सचिव एएस राजपूत, निदेशक अखंड प्रताप सिंह, वीके सिंह, प्रो. एबी लाल आदि रहे।