आगरा में हुए राज चाैहान हत्याकांड में नाम आने के बाद पुराने मामले में कोर्ट में पेश होकर जेल गया हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव बृहस्पतिवार को जेल से बाहर आ गया। उसे अदालत से जमानत मिल गई। राज की मां ने मुख्यमंत्री से बेटे की हत्या में मोनू की संलिप्तता की शिकायत की थी। मामले में अब तक जांच चल रही है।
ट्रांस यमुना के टेढ़ी बगिया क्षेत्र में 23 जनवरी की रात एक गेस्ट हाउस में आपसी गैंगवार में राज चाैहान की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में मुख्य आरोपी अरबाज मंसूरी मुठभेड़ में मारा गया। राज चाैहान की मां ने बेटे की हत्या के पीछे क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव पर शक जताया है। उन्होंने एक इंस्पेक्टर पर संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। पुलिस की जांच में हत्या करने वालों के संबंध जेल में बंद गैंगस्टर आलोक यादव से भी होने की बात सामने आई थी।
मोनू यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए राज की मां ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद एसटीएफ और पुलिस ने जांच तेज की थी। इसका पता चलने पर मोनू यादव पुराने मामले में कोर्ट में पेश हो गया। उसके खिलाफ थाना एत्माद्दाैला में रंगदारी मांगने और एससी-एसटी एक्ट की प्राथमिकी दर्ज थी। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। पुलिस को इस बात की भनक नहीं लग सकी जबकि पुलिस जांच का दावा कर रही थी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मोनू की संलिप्तता के संबंध में जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अगर साक्ष्य मिलते हैं तो हत्याकांड में नाम शामिल किया जाएगा।