आगरा में यमुना में आई बाढ़ में सोमवार शाम को बल्केश्वर स्थित महालक्ष्मी मंदिर की दीवार ढह गई। जिस समय हादसा हुआ, उस समय बड़ी संख्या में लोग दीवार के पास खड़े थे और मंदिर के गर्भगृह में जा रहे थे। हादसे से अफरातफरी मच गई। मलबे और पानी में कई लोगों की डूबने की आशंका जताई गई। सूचना पर थाना कमला नगर की पुलिस पहुंची। पुलिस ने मंदिर में बाहरी लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी। बाद में निजी गोताखोर लगाए गए। काफी देर तलाश की गई। मगर मलबे और पानी में कोई नहीं मिला। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि लोगों के यमुना में गिरने की आशंका जाहिर की गई थी। मगर किसी के गिरने की पुष्टि नहीं हो सकी है।
हादसा शाम तकरीबन 6:30 बजे हुआ। महालक्ष्मी मंदिर यमुना के किनारे पर बना हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में जाने के लिए रास्ता बना हुआ है। इस रास्ते के एक हिस्से में भूतल पर कमरा बना हुआ है। शाम को पुजारी रमाकांत पांडेय आरती कर रहे थे। परिसर में रहने वाले चाैकीदार रवि की मां गुड्डी देवी टिनशेड के पास बैठी हुई थीं।
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उन्होंने बताया कि मंदिर के रास्ते पर दीवार के सहारे खड़े होकर लोग यमुना को देख रहे थे। कुछ लोग मंदिर में चल रही आरती में शामिल होने के लिए जा रहे थे। अचानक तेज आवाज आई। रास्ते पर यमुना की तरफ बनी तकरीबन 20 फुट दीवार भरभराकर गिर पड़ी। यह देखकर लोग भागने लगे। एक युवक घायल भी था। उसके सिर से खून निकल रहा था। लोग मंदिर के गेट से बाहर की तरफ गए तो आसपास के लोगों को पता चला।
सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर मंदिर के गेट को बंद कर दिया। इसके बाद चार गोताखोर बुलाए गए। उन्हें लाइफ जैकेट की मदद से पानी में उतारा गया। उन्होंने 20 से 25 मिनट तक तलाश की, लेकिन कोई नहीं मिला।
बाद में एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई। मोटरबोट की मदद से यमुना में काफी देर तक तलाश की गई। रात 10 बजे किसी के नहीं मिलने पर टीम वापस लाैट गई। हालांकि दो लोग घायल बताए गए हैं। वो पुलिस के सामने नहीं आए। पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटा रही है।
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