कासगंज। बेसिक शिक्षा के लेखा विभाग में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। एक ही साथ नियुक्त शिक्षकों के मूल वेतन और एचआरए में कई विसंगतियां हैं। शिक्षकों के नाम, नियुक्ति और वेतन की एक सूची वायरल हुई है उसके बाद हड़कंप मच गया है। शिक्षक नेताओं में भी खासा आक्रोश है।
लगभग ढाई वर्ष पूर्व का यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। उस समय शिक्षकों के चयन वेतनमान लगाए गए थे, लेकिन उसमें अनियमितता थी। तमाम शिक्षकों ने तत्कालीन डीएम आरपी सिंह से इस मामले की शिकायत की। डीएम ने अनियमितता सुधार के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए थे। शिक्षक भी इस बात को लेकर चिंतित नहीं थे कि अनियमितता में सुधार नहीं होगा, लेकिन जब एक सूची वायरल हुई है तो फिर शिक्षकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
एक ही साथ नियुक्त शिक्षकों के मूल वेतन में गड़बड़ी है। किसी को अधिक वेतन मिल रहा है तो किसी को कम वेतन मिल रहा है। इसको लेकर शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षक इस वित्तीय अनियमितता की सुधार की मांग पर अड़ गए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि वित्तीय अनियमितता में सुधार न हुआ तो अंादोलन किया जाएगा।
चयन वेतनमान लगाने में गड़बड़ी की गई। 4600 रुपये ग्रेड पे के शिक्षकों का लगभग ढाई साल पहले 4800 रुपये ग्रेड पे लगाया गया था। तब भी गड़बड़ी थी और अब जब सूची सामने आई है तो विसंगति मिली हैं। इसमें तत्काल सुधार होना चाहिए। शुभनेश यादव, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ।
बेसिक शिक्षा के लेखा विभाग में मनमानी होती है। शिक्षकों को उनके हक से वंचित किया जाता है। कई बार कार्रवाई के लिए शिक्षक संघ की ओर से ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा है। मजबूरन आंदोलन किया जाएगा। - मुनेश राजपूत, महामंत्री, शिक्षक संघ।
विसंगति का मामला अभी संज्ञान में नहीं आया है। लेखाधिकारी से इस संबंध में पूरी जानकारी करेंगे। यदि कोई विसंगति हुई है तो उसमें अविलंब सुधार कराया जाएगा। -अंजली अग्रवाल, बीएसए।