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साहब! एक हफ्ता बीत गया, अब तो हमें पहुंचवा दो हमारे घर

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टूंडला के ठाकुर बीरीसिंह कॉलेज स्थित आश्रय स्थल में खड़े गुहार लगाते प्रवासी मजदूर - फोटो : TUNDLA
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टूंडला(फिरोजाबाद)। साहब! एक सप्ताह बीत गया यहां रहते, अब तो हमें पहुंचवा दो हमारे घर। बिना काम के ऐसे ही यहां रहे तो हमारे परिवार भूखे मर जाएंगे। यह वेदना है ठाकुर बीरीसिंह स्थित सेल्टरहोम में पिछले एक सप्ताह से रह रहे पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों की। इन्हें पिछले सप्ताह पूर्व ठेकेदार ने एटा से घर जाने के लिए टूंडला रेलवे स्टेशन भेज दिया गया था। रिजर्वेशन न होने पर उन्हें तहसील प्रशासन ने सेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया था।
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आगरा की पीएनसी कंपनी द्वारा एटा-कासगंज में बनाई जा रही सड़क के निर्माण कार्य कर रहे पश्चिम बंगाल के मालदा में रहने वाले 32 प्रवासी मजदूर लॉकडाउन के बाद एटा में फंसे हुए थे। विगत एक जून से ट्रेनें शुरू हुईं तो कंपनी के ठेकेदार ने यह कहकर टूंडला रेलवे स्टेशन तक बस से छुड़वा दिया था कि अब ट्रेन चलने लगी है और तुम लोग अपने घर चले जाओ। जब वह लोग यहां आए तो पता चला कि अभी सिर्फ आरक्षण कराकर यात्रा करने वालों के लिए ही ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
घंटों रेलवे स्टेशन बैठने के दौरान भूखे-प्यासे लोगों की जानकारी समाजसेवियों की हुई तो वे उन्हें खाने-पीने की वस्तुएं उपलब्ध कराते हुए तहसील प्रशासन को जानकारी दी थी। तब तहसील प्रशासन ने मानवीय आधार पर उन्हें ठाकुर बीरीसिंह इंटर कॉलेज के सेल्टरहोम में शिफ्ट करा दिया गया था। उन्हें शिफ्ट हुए एक सप्ताह बीत गया है, किंतु अभी तक वापस घर जाने की कोई व्यवस्था न हो पाई है। तहसीलदार डॉ गजेंद्रपाल सिंह का कहना है कि प्रशासन द्वारा प्रवासी मजदूरों को भेजने की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही उन्हें उनके घर पहुंचा दिया जाएगा।
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