एंटी करप्शन टीम (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने गुरुवार को रोडवेज बस चालक की शिकायत पर मैनपुरी डिपो के एआरएम (सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक) को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी उनके आवास से हुई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने रूट बदलने के लिए रोडवेज संविदा चालक से 10 हजार रुपये मांगे थे। एआरएम शुरू से ही कई विवादों में रहे हैं।
थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव नखतपुर निवासी सत्यदेव यादव रोडवेज में संविदा चालक हैं। साथ ही वह रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष हैं। वर्तमान में वह मैनपुरी-दिल्ली रूट पर ड्यूटी कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले उन्होंने एआरएम हरिदास को प्रार्थना पत्र देकर पारिवारिक समस्या बताते हुए लोकल रूट देने की मांग की थी। आरोप है कि रूट बदलने के लिए एआरएम ने 10 हजार रुपये मांगे।
दोनों पक्षों में बातचीत के बाद छह हजार रुपये पर सहमति बन गई। सत्यदेव ने अधिकारी की ओर से रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायत एंटी करप्शन आगरा से की। गुरुवार सुबह योजना के तहत टीम के साथ शिकायतकर्ता एआरएम के आवास विकास स्थित किराए के आवास पर पहुंचा।
छह हजार रुपये रिश्वत लेते एंटी करप्शन की टीम ने एआरएम हरिदास को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी एआरएम आनंद नगर कल्याणपुर, कानपुर के निवासी हैं। अधिकारी के गिरफ्तार होने की जानकारी होने के बाद कुछ ही देर में कोतवाली में चालक-परिचालकों की भीड़ जुट गई।
थाने में मौजूद अधिकतर कर्मचारी एआरएम पर किसी न किसी रूप में रिश्वत मांगे जाने की बात कह रहे थे। एंटी करप्शन आगरा के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह पवार ने कोतवाली में आरोपी एआरएम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इंस्पेक्टर एंटी करप्शन आगरा, जसपाल सिंह का कहना है कि एआरएम की ओर से रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारी के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एआरएम हरिदास का कहना है कि सही ढंग से ड्यूटी न करने पर मेरी ओर से चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। सोची समझी साजिश के तहत मुझे फंसाया गया है।