मैनपुरी जनपद के बेवर क्षेत्र में जनता कर्फ्यू के चलते बेवर से एक युवक की बरात नहीं जा सकी। बरात में जाने के लिए दूल्हा और बराती तैयार बैठे रहे। पुलिस ने युवक के घर पहुंचकर बरात नहीं ले जाने की हिदायत दी। परिवार के लोग देर शाम बरात ले जाने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन पुलिस ने बरात ले जाने की अनुमति ही नहीं दी।
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सूनसान मैनपुरी की सड़कें
- फोटो : अमर उजाला
बेवर के मोहल्ला ब्रह्मनान निवासी महमूद अली उर्फ छोटे मिस्त्री के पुत्र कासिम अली की बरात रविवार को औरैया जिले के कस्बा बिधूना के मोहल्ला तिलकनगर में जानी थी। बरात में जाने के लिए बराती 21 मार्च की शाम ही महमूद अली के घर पहुंच गए थे। 22 मार्च की सुबह बरात ले जाने की तैयारी हुई।
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मैनपुरी बस स्टैंड पर नहीं दिखे यात्री
- फोटो : अमर उजाला
बराती और दूल्हा कासिम भी सेहरा बांधकर तैयार हो गया। इसी बीच जानकारी होने पर इंस्पेक्टर जसवीर सिंह सिरोही पुलिस बल के साथ कासिम के घर पहुंच गए। उन्होंने कासिम के पिता महमूद अली को बरात नहीं ले जाने की हिदायत दी।
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जनता कर्फ्यू के दौरान पुलिस रही सजग
- फोटो : अमर उजाला
पहले से बरात की तारीख तय होने की बात कहकर रिश्तेदारों और परिवार वालों ने जब बरात ले जाने की बात कही तो उनको आदेश का पालन करने की चेतावनी दी। बरात में जाने के लिए तैयार खड़े दूल्हा सहित बराती मायूस होकर घर ही बैठ गए। रिश्तेदार और परिवार के लोग देर शाम बरात ले जाने की जिद पर अड़े रहे। लेकिन पुलिस बरात नहीं ले जाने की हिदायत देकर लौट गई।
बेवर के ही मोहल्ला ब्रह्मनान निवासी गुड्डू मुसलमान के पुत्र की बरात भी 22 मार्च को ही कोतवाली क्षेत्र के गांव अंगौथा में जानी थी। बरात की तैयारियां पूरी थीं। रिश्तेदार और बराती भी उनके घर पहुंच गए। गुड्डू का पुत्र भी दूल्हा बनकर तैयार हो गया। जानकारी होने पर पुलिस ने गुड्डू के घर पहुंचकर बरात नहीं ले जाने की हिदायत दी। गुड्डू ने अंगौथा में अपने रिश्तेदारों से बात करके बरात ले जाने की तारीख 24 मार्च तय कर दी। उसके बाद रिश्तेदार और बराती अपने घरों को चले गए।