मैनपुरी। एडीजे विशेष पॉक्सो एक्ट जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने 2 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए बृहस्पतिवार को सजा सुनाई। दोषी के अपराध को जघन्य मानते हुए उसे अंतिम सांस तक यानी ताउम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार 500 रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया।
यह मामला 7 नवंबर 2022 का है। थाना किशनी क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने थाने में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि उनके भाई के साढ़ू का भांजा जगमोहन (20) निवासी नगला जिलही, बेवर उनके घर आया था। परिजन चाय-पानी के बाद अपने काम में व्यस्त हो गए। इस दौरान आरोपी ने घर में खेल रही 2 वर्षीय बच्ची को अकेला पाकर एक कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
जब बच्ची के रोने और चीखने की आवाज सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे, तो उन्होंने आरोपी को वहां से भागते हुए देखा। बच्ची के शरीर पर चोट के निशान थे और वह अचेत अवस्था में थी। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 8 नवंबर 2022 को आरोपी जगमोहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इधर, आरोपी जगमोहन को जेल भेजते हुए विवेचना शुरू की। मेडिकल परीक्षण में दो साल की बच्ची से दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में अभियोजन की ओर से विश्वजीत सिंह राठौर और अनूप यादव ने गवाहों व साक्ष्यों को पेश किया। अदालत ने इनके आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पीड़िता को मिलेगी अर्थदंड की राशि
50 हजार 500 रुपये अर्थदंड की राशि पीड़िता को दी जाएगी। कोर्ट ने इसका जिक्र अपने आदेश में किया है।
फास्ट ट्रैक की तर्ज पर हुई सुनवाई
इस मुकदमे में पुलिस की ओर से विवेचना से लेकर अदालत में सुनवाई फास्ट ट्रैक की तर्ज पर हुई। अदालत में साक्ष्य, गवाही, बचाव और अभियोजन की दलीलें, बहस आदि की प्रक्रिया तेजी से अमल में लाई गई, ताकि कोर्ट जल्द बच्ची को इंसाफ दे सके। तीन साल में आरोपी को सजा सुनाई गई।
यह रही मुकदमे की टाइमलाइन
07 नवंबर 2022 को घटना हुई
08 नवंबर 2022 को एफआईआर दर्ज हुई
03 जनवरी 2023 को आरोप पत्र दायर हुआ
27 जुलाई 2023 को आरोप तय हुए
09 अक्तूबर 2023 को साक्ष्य शुरू हुए
25 जुलाई 2025 को निर्णय सुरक्षित होने की तारीख तय
06 अगस्त 2025 को आरोपी दोषी करार दिया गया
07 अगस्त 2025 को दोषी को सजा सुनाई गई