मैनपुरी। कुरावली विकास खंड के गांव सिरसा और नानामऊ में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्थलीय भ्रमण कर शिविर लगाए। शिविरों में ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को रेबीज से बचाव की जानकारियां दी गईं। गांव नानामऊ में 17 लोग ऐसे पाए गए जिनके कोई टीका नहीं लगा था, उनका मौके पर ही टीकाकरण कराया गया। गांव नानामऊ में आशाओं की मदद से पूरे गावं में घर-घर सर्वे कराया गया। छह महीने में कुत्तों की ओर से काटे गए लोगों की सूची तैयार की गई है। इसमें पाया गया कि पिछले छह महीने में 62 लोगों को कुत्तों ने काटा है। 17 लोग ऐसे पाए गए, जिन्होंने रेबीज से बचाव का एक भी टीका नहीं लगवाया था। उन सभी 17 लोगों को रेबीज से बचाव का टीका लगवाया गया और उनकी बाकी के डोज़ों के लिए सभी को नजदीक के स्वास्थ केंद्र पर टीके लगवाने की सलाह दी गई। गांव सिरसा के कंपोजिट विद्यालय में सभी बच्चों को रेबीज से बचाव के लिए जागरूक किया गया। बच्चों को बताया गया की कुत्ता द्वारा काटे जाने पर संबंधित का टीकाकरण जरूरी है।
डॉ. अनिल कुमार जिला सर्विलाइंस अधिकारी ने बताया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है, जिसका बचाव संभव है। रेबीज एक वायरल रोग है रेबीज कुत्ते, बिल्ली, बंदर आदि के काटने से होता है। लक्षण प्रकट होते ही घातक हो जाता है। घबराएं नहीं चिकित्सीय परामर्श और टीकाकरण से रेबीज का बचाव संभव है।
डॉ. अनिल यादव जनपदीय एपिडेमियोलॉजिस्ट ने बताया कि कुत्ता काटने पर सबसे पहले बहते हुये साफ पानी से साबुन लगाकर 15 मिनट तक घाव को धोना होगा। इसके बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर रेबीज का संपूर्ण टीकाकरण करवाना चाहिए। इस मौके पर डॉ. रुचि सक्सेना, फार्मासिस्ट विदेश कुमार, अमित कुमार, अभिनव यादव, मीना कुमारी आदि मौजूद रहे।