मैनपुरी। डाकघर में हुए गबन के मामले में उप डाकघर भोगांव के डाकपाल को डाक अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है। जांच के दौरान शाखा डाकघर अंगौथा में हुए गबन के तार उनसे जुड़ने की बात सामने आई थी। इसके बाद ही आनन-फानन में कार्रवाई की गई। इससे विभागीय कर्मचारियों में खलबली है।
शाखा डाकघर अंगौथा में डाकपाल ओमप्रकाश सिंह ने गबन किया था। विभागीय जांच के साथ ही एफआईआर दर्ज होने के चलते पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। वहीं, ओमप्रकाश ने बीते माह न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। डाक विभाग बीते छह माह से गबन की जांच कर रहा है। इसी जांच में सामने आया कि गबन 2018 में शुरू हुआ था। शाखा डाकघर अंगौथा उप डाकघर अजीतगंज की शाखा है। ऐसे में पयर्वेक्षण की जिम्मेदारी भी उप डाकघर अजीतगंज के डाकपाल की ही है। 2018 में वहां डाकपाल के पद पर मनोज कुमार बैस तैनात थे, जो वर्तमान में उप डाकघर भोगांव का कार्य देख रहे थे। जांच में ये बात सामने अपने पर डाक अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने उन्हें निलंबित कर दिया।
उप डाकघर भोगांव में डाकपाल का कार्यभार अब वहीं तैनात डाक सहायक शोभित मिश्रा को दिया गया है। अचानक हुई इस कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
एलाऊ में गबन के दौरान भी रहे थे तैनात
शाखा डाकघर एलाऊ में भी 2017 में गबन सामने आया था। तब भी मनोज कुमार बैस की तैनाती उप डाकघर अजीतगंज पर ही थी। शाखा डाकघर एलाऊ भी अजीतगंज उप डाकघर के ही अधीन है। मामले में तत्कालीन मंडलीय उप निरीक्षक डाक अभिषेक पांडेय और ओवरसियर राजकुमार को एक माह में ही निलंबित कर दिया गया था। लेकिन उप डाकघर अजीतगंज के डाकपाल पर कार्रवाई नहीं हुई थी। वहीं इस बार सामने आए गबन में छह माह बाद भी ढिलाई बरती जा रही है।
डाकघर में हुए गबन ये पांचवीं कार्रवाई
प्रधान डाकघर और शाखा डाकघर अंगौथा में हुए गबन में ये पांचवीं कार्रवाई है। सबसे पहले शाखा डाकघर अंगौथा के डाकपाल ओमप्रकाश सिंह को निलंबित किया गया था। इसके बाद प्रधान डाकघर के डाक सहायक जीवन शाक्य को, उप डाकघर अजीतगंज के डाकपाल आरके गुप्ता को निलंबित किया गया था। वहीं अंत में प्रधान डाकघर के सिस्टम मैनेजर कुंदन सिंह को निलंबित किया गया था। इसके बाद अब ये कार्रवाई की गई है।
वर्जन
-डाकघरों में हुए गबन की जांच चल रही है। शाखा डाकघर अंगौथा से संबंधित मामले में ही उप डाकघर भोगांव में तैनात डाकपाल को निलंबित किया गया है। जांच पूरी होने पर ही वास्तविक स्थित पता चल सकेगी।
-अशोक कुमार त्रिपाठी, डाक अधीक्षक मैनपुरी।