किशनी। सब्जी विक्रेताओं पर पॉलिथीन के इस्तेमाल पर लगाए जुर्माने के मामले ने बृहस्पतिवार को तूल पकड़ लिया। पूरा बाजार बंद हो गया। व्यापारियों ने एकजुट होकर तहसील पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया, जिसके आगे एसडीएम गोपाल शर्मा को झुकना पड़ा और उन्हें सब्जी विक्रेताओं से वसूला गया जुर्माने की रकम वापस करानी पड़ी। इसके बाद ही व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोलीं।
बुधवार को एसडीएम गोपाल शर्मा ने अपने लिपिक दिनेश कुमार के साथ मिलकर नगर के तीन सब्जी विक्रेताओं की दुकानों पर छापेमारी की। पॉलिथीन के उपयोग के आरोप में तीनों पर तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इस कार्रवाई से आक्रोशित सब्जी विक्रेताओं ने तुरंत व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष विनोद गुप्ता से शिकायत की।
जुर्माने की कार्रवाई को उत्पीड़न बताते हुए व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने बृहस्पतिवार को किशनी बाजार बंद का एलान कर दिया। सुबह से ही नगर का पूरा बाजार पूरी तरह से बंद रहा। सुबह 10 बजे तक व्यापारी तहसील परिसर में इकट्ठा हो गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। एसडीएम गोपाल शर्मा ने धरना स्थल पर आकर व्यापारियों से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन व्यापारी अपनी बात पर अड़े रहे कि जब तक जुर्माने की रकम वापस नहीं होती, वे धरना खत्म नहीं करेंगे। करीब एक घंटे तक चले हंगामे और दबाव के बाद एसडीएम ने अंततः तीनों सब्जी विक्रेताओं को जुर्माने की रकम वापस लौटाने के आदेश दिए। इसके बाद ही व्यापारियों ने अपना धरना समाप्त किया और बाजार खोला।
धरने में व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री सुधीर गुप्ता, नगर अध्यक्ष विनोद गुप्ता, चेयरमैन प्रतिनिधि डैनी यादव और भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रतिनिधि घासीराम शाक्य समेत भाजपा नेता शिवानू चौहान, व्यापार मंडल महामंत्री बॉबी भदौरिया, राजीव गुप्ता, सभासद राहुल गुप्ता, आदेश गुप्ता, शिवकुमार गुप्ता, राजा दुबे, रामबरन पांडे, रानू चौहान, प्रमोद गुप्ता, मोहम्मद सत्तार, विनय गुप्ता, जावेद खान, भूरे खान आदि मौजूद रहे।
नगर पंचायत कर्मचारी पर भी लगा वसूली और धमकी का आरोप
धरने के दौरान व्यापारियों ने एसडीएम के समक्ष दुकानदार रामप्रकाश शाक्य, अर्जुन शाक्य, अरविंद शाक्य, पंकज शाक्य, गोविंद कुमार और बंटू कुमार ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारी उनकी दुकानों से बिना पैसे दिए सब्जी ले जाता है। पैसे मांगने पर वह पॉलिथीन पकड़वाने की धमकी देता है। इतना ही नहीं, व्यापारियों ने यह भी बताया कि इस कर्मचारी ने सदर बाजार की पुलिया पर अपना खोखा रखकर अतिक्रमण भी कर रखा है। एसडीएम ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लिपिक दिनेश कुमार को मामले की जांच करने और आरोपित कर्मचारी के विरुद्ध वेतन रोकने व सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।